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पेसा और वन अधिकार कानून की पालन के लिए ग्रामीण हुए एकजुट

विधायक मंत्री बनाए लेकिन क्षेत्र के लिए कुछ भी नहीं किया, 25 गांवों के ग्रामसभा सदस्य करेंगे चुनाव बहिष्कार

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पेसा और वन अधिकार कानून की पालन के लिए ग्रामीण हुए एकजुट

पेसा और वन अधिकार कानून की पालन के लिए ग्रामीण हुए एकजुट

मैनपुर। किसान मजदूर संघर्ष समिति उदंती सीतानदी राजापड़ाव क्षेत्र जिला गरियाबंद व धमतरी जिले के 25 ग्राम पंचायतों के लगभग 300 ग्रामसभा सदस्यों की विशेष ग्रामसभा बैठक ग्राम गोना में हुई। जिसमें मुखिया के तौर पर सर्वसम्मति से अर्जुन सिंह नायक को अध्यक्ष पद पर मनोनीत किया गया। आदिवासी नेता व क्षेत्र के बुजुर्ग मुखिया दलसू राम मरकाम ने कहा कि 75वें साल बीतने के बाद भी क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। शासन प्रशासन को शोषित पीडि़त वंचित समुदाय की कोई फिक्र नहीं है। जैसे भी हो चुनाव के समय उपयोग होता रहे ऐसी मंशा है। हमने आज तक 15 से 20 मंत्री बनाए, लेकिन सिर्फ और सिर्फ चुनाव के समय ही हाथ जोडऩे के लिए आते हैं। उसके बाद कहां रहते हैं, पता ही नहीं चलता। हम लोगो ंको बुनियादी सुविधाओं से वंचित जिन लोगों ने किया है आने वाला भविष्य में हम पूरे उदंती सीतानदी राजापडा़व क्षेत्र के हजारों ग्रामसभा सदस्यों के द्वारा चुनाव बहिष्कार का खुला ऐलान किया जाता है। जिस पर सैकड़ों ग्रामसभा सदस्यों के द्वारा ताली बजा कर समर्थन किया गया।
जल, जंगल, जमीन की मची है लूट : विद्रोही
जिला पंचायत सभापति लोकेश्वरी नेताम ने कहा कि पेशा कानून हमारे गांव में हमारे अधिकार को मजबूत करता है, लेकिन यह क्षेत्र पांचवी अनुसूची क्षेत्र होने के बावजूद भी जल, जंगल, जमीन की खुलेआम लूट हो रही है, जिसके खिलाफ में संगठित होकर लडऩे की आवश्यकता है। तेजराम विद्रोही ने कहा कि जमीन कोई वस्तु नहीं है, बल्कि जीने का साधन है। लेकिन शासक वर्ग के द्वारा जल, जंगल, जमीन को बड़े औद्योगिक घरानों को सौंपकर उसको लूटने और पर्यावरण का विनाश करने की खुली छूट दी गई है। आज आवश्यक है हम अपने अधिकारों के प्रति शिक्षित हो संगठित हो और संघर्ष करें। प्रेरक स्वयंसेवी संस्था से रोहिदास यादव ने भी सामुदायिक वन अधिकार अधिनियम के अंतर्गत व्यक्तिगत वन अधिकार सामुदायिक वन अधिकार के साथ ही सामुदायिक वन संसाधन पर ग्राम सभा की अधिकार कैसे
सभी गांवों में होगा ग्रामसभा का गठन
उदंती सीतानदी राजापडाव क्षेत्र के समस्त गांव में अपने व्यवस्था एवं परंपरा के आधार पर समस्याओं के निराकरण के लिए ग्राम सभा का गठन किया जाना है। जिसमें 9 सदस्य होंगे, जहां पर अध्यक्ष सचिव उपाध्यक्ष कोषाध्यक्ष का चुनाव किया जाना है। मुख्य रुप से 3 महिला सदस्य को रखना अनिवार्य होगी। गांववार ग्राम सभा सदस्यों का चुनाव होगा। उसी में से दो दो सदस्य जो पढ़े-लिखे अनुभवी हो उसका चिन्हांकन किया जाना है। जिसे 25 पंचायत के ग्राम सभा का विस्तार किया जाएगा उसी सदस्यों को उसमें शामिल करते हुए 25 ग्राम पंचायतों का ग्राम सभा गठन किया जाना है।