
छत्तीसगढ़ के खजूराहो में मिली 700 साल पुरानी गणेश की प्रतिमा, और भी पौराणिक चीजें मिलने की उम्मीद
रायपुर. छत्तीसगढ़ पुरातत्व विभाग को खुदाई के दौरान भोरमदेव में 700 साल पुरानी गणेश की प्रतिमा मिलने का मामला सामने आया है। प्रतिमा बारहवीं से तेरहवीं शताब्दी की है, जिसे फणिनागवंश काल की बताई जा रही है। कबीरधाम का नाम पुरे देश में तेजी से उभर रहा है। यहां वर्षों पुराने प्रतिमा व वस्तुएं मिल रही है। इसके बाद भी पुरातत्व विभाग कोई ध्यान नहीं दे रही है। जबकि प्राचीन मुर्ति व अन्य वस्तुएं जिले में लगातार मिल रही है।
कबीरधाम जिला राजा महराजाओं का गढ़ है। जिले के भोरमदेव व पचराही जैसे स्थानों पर खोदाई करने से कई पुरातात्विक महत्व के वस्तुए मिल सकती है। जानकारी के मुताबिक ग्राम चौरा भोरमदेव में सुबह किसान दुकालू राम खेत की जोताई करने में लगा हुआ था। इसी दौरान उसे खेत में भगवान गणेश की प्रतिमा मिली। किसान ने इसकी जानकारी भोरमदेव मंदिर के केयर टेकर ध्रुव को दी।
जिसके बाद एसडीएम और पुलिस को इस बारे में अवगत कराया गया। इधर संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के संचालक चंद्रकांत उइके को जानकारी मिलते ही उन्होंने रायपुर से एक टीम बनाकर भोरमदेव रवाना किया, जहां भोरमदेव थाना में पंचनामा कराकर प्राचीनकालीन भगवान गणेश की प्रतिमा को संग्रहाध्यक्ष प्रतापचंद पारख के सुपुर्द किया गया। टीम में संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के अधिकारी जीएल रायकवार, प्रभात कुमार सिंह भी मौजूद थे।
छत्तीसगढ़ के संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के संचालक चंद्रकांत उइके ने बताया कि भोरमदेव में प्राचीनकालीन भगवान गणेश की प्रतिमा मिली है, जो बारहवीं से तेरहवीं शताब्दी के समय की है। पंचनामा कराकर भोरमदेव संग्रहालय में सुरक्षित रखा गया है। इसे रायपुर स्थित महंत घासीदास संग्रहालय लाया जाएगा।
जिला पुरातत्व विभाग छत्तीसगढ़ के सदस्य आदित्य श्रीवास्तव ने बताया कि सोमवार को छेरकी महल के पास मिले गणेश जी की प्रतिमा अधिक आर्कषित व सुंदर है। देखने से 9 वीं से 11 वीं शताब्दी की लग रही है। पुरात्वीक विभाग को इस ओर ध्यान देना चाहिए और भी कई प्रतिमा व वस्तुएं मिल सकती है। जिससे जिले का नाम मिलेगा।
Published on:
25 Dec 2018 08:34 am

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