21 फ़रवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

रायपुर वालों के लिए बड़ी खबर! जल्द खारुन नदी पर बनेगा हाई-लेवल ब्रिज, बारिश में नहीं रुकेगा आवागमन…

Kharun River Bridge: रायपुर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की यातायात व्यवस्था मजबूत करने के लिए खारुन नदी पर उच्च स्तरीय पुल और पहुंच मार्ग के निर्माण के लिए 16 करोड़ 36 लाख 54 हजार रुपए की स्वीकृति दे दी है।

2 min read
Google source verification
खारुन नदी पर बनेगा हाई-लेवल ब्रिज(photo-patrika)

खारुन नदी पर बनेगा हाई-लेवल ब्रिज(photo-patrika)

Kharun River Bridge: छत्तीसगढ़ सरकार ने राजधानी रायपुर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की यातायात व्यवस्था मजबूत करने के लिए खारुन नदी पर उच्च स्तरीय पुल और पहुंच मार्ग के निर्माण के लिए 16 करोड़ 36 लाख 54 हजार रुपए की स्वीकृति दे दी है। यह पुल मुख्य जिला मार्ग उरला-पठारीडीह-बेरला पर बनेगा और क्षेत्रीय आवागमन को सुगम बनाने के साथ-साथ वर्षा के समय राहत भी प्रदान करेगा।

उपमुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद मंत्रालय ने प्रमुख अभियंता को राशि स्वीकृति संबंधी परिपत्र जारी कर दिया है। शासन ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं और कहा है कि निर्माण या सामग्री में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी।

Kharun River Bridge: तय समय-सीमा में पूरा होगा निर्माण

लोक निर्माण विभाग ने प्रमुख अभियंता को निर्देश दिए हैं कि निविदा प्रक्रिया समय पर पूरी की जाए और निर्माण कार्य स्वीकृत प्राक्कलन के अनुसार मितव्ययिता के साथ कराया जाए। निर्माण एजेंसी से अनुबंधित अवधि में कार्य पूर्ण कराने के भी आदेश दिए गए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि केवल अपरिहार्य परिस्थितियों में ही सक्षम अधिकारी की अनुमति से समय-सीमा बढ़ाई जा सकेगी।

बारिश में आवागमन की समस्या से मिलेगी राहत

उरला, पठारीडीह और बेरला मार्ग लंबे समय से बेहतर कनेक्टिविटी की मांग कर रहे थे। खारुन नदी में जलस्तर बढ़ने पर आवागमन प्रभावित होने के कारण लोग वैकल्पिक लंबा मार्ग अपनाते थे। उच्च स्तरीय पुल बनने के बाद वर्षभर निर्बाध यातायात संभव होगा और ग्रामीण-शहरी संपर्क मजबूत होगा।

क्षेत्रीय विकास को मिलेगा बढ़ावा

अधिकारियों के अनुसार पुल और पहुंच मार्ग निर्माण से औद्योगिक और कृषि क्षेत्रों के बीच आवाजाही आसान होगी, जिससे स्थानीय व्यापार, परिवहन और दैनिक आवागमन में तेजी आएगी। परियोजना पूरी होने के बाद आसपास के गांवों को बेहतर सड़क संपर्क का लाभ मिलेगा और क्षेत्रीय विकास को नई रफ्तार मिलेगी।

हर छह घंटे में 80 हजार वाहन

यातायात विभाग के सर्वे के अनुसार इस मार्ग से हर छह घंटे में 80 हजार से अधिक वाहन गुजरते हैं। शाम चार बजे से रात दस बजे तक ट्रैफिक सबसे ज्यादा होता है। रायपुर से पाटन और भिलाई की ओर जाने वाले वाहन लंबी कतारों में फंस जाते हैं। सड़क किनारे अव्यवस्थित पार्किंग भी जाम का बड़ा कारण बनती है। नए ब्रिज के शुरू होने के बाद ट्रैफिक का दबाव दोनों पुलों में बंट जाएगा।

30 साल की जरूरत को ध्यान में रखकर डिजाइन

पीडब्ल्यूडी ने नए ब्रिज की योजना भविष्य के ट्रैफिक और आसपास की बढ़ती आबादी को ध्यान में रखकर तैयार की है। खारुन नदी के दोनों किनारों पर तेजी से नई कालोनियों के विकास और अमलेश्वर व महादेव घाट क्षेत्र में आवासीय परियोजनाओं के विस्तार के कारण रोजाना आवागमन लगातार बढ़ रहा है।