
इंदौर में दूषित पानी से 15 लोगों की मौत... रायपुर की इन जगहों पर मंडराया खतरा, सामने आईं खतरनाक तस्वीरें
Chhattisgarh News: इंदौर जैसे शहर में दूषित पानी पीने से हाहाकार मचा हुआ है। मासूमों समेत 15 लोगों की जान चली गई। रायपुर में भी इंदौर की तरह जगह-जगह भागीरथपुरा हैं जहां गंदे नालों और नालियों के बीच से होकर पीने की पाइप लाइन निकली हैं। रायपुर नगर निगम ने शहर के लोगों को शुद्ध जलापूर्ति करने के लिए अमृत मिशन योजना से करीब 500 करोड़ में नई टंकी बनाने के साथ ही अंडरग्राउंड पाइप लाइन बिछाई है।
दावा भी यही कि शुद्ध पेयजल आपूर्ति करना निगम की जिम्मेदारी है। शुक्रवार को पत्रिका टीम शहर के कई जगहों पर पहुंची, जहां छोटी-छोटी पाइप लाइन तो दूर की बात है, बड़े-बड़े नालों में मेन पाइप लाइन आधी डूबी हुई मिली। कई जगह हैरान कर देने वाली तस्वीरें सामने आईं। ऐसी जगहों पर पाइप लीक हुई तो हाहाकार मचने से इनकार नहीं किया जा सकता है।
पत्रिका टीम ने अपनी पड़ताल में शहर के ऐसे चार खतरनाक स्थानों पर पहुंची, जहां पाइप लाइन लीकेज हुई तो सीधे सीवरेज का पानी लोगों के घरों में पहुंचने से इनकार नहीं किया जा सकता है। क्योंकि ऐसी स्थित शहर के डीडीनगर क्षेत्र में 10 से 15 साल पहले हो चुकी है, जब ड्रेनेज की गंदगी पानी की मेन पाइप लाइन से मिल गई और दर्जनों लोग पीलिया और उल्टी दस्त के शिकार हुए। चार से पांच लोगों की जानें चली गई। निगम प्रशासन को अलर्ट करने के लिए ऐसे चार स्पॉट को सामने रखा जा रहा है, जानिए कहां-कहां खतरनाक तस्वीरें..।
जयस्तंभ चौक से फाफाडीह रोड पर मौदहापारा केनाल रोड के किनारे से ही सबसे बड़ा नाला निकला है। इस नाले के बीच में मेन पाइप लाइन आधी डूबी मिली और ऊपर से कचरे का ढेर लगा हुआ है। यह खतरनाक तस्वीर हर किसी को भी डरा सकती है। क्योंकि इस जगह पर लीकेज हुआ तो घरों में दूषित पानी पहुंचना तय है।
इस जगह पर नाला तीन फीट चौड़ा है, उसमें से पाइप लाइन निकाली गई है। गनीमत यह कि इस जगह पर पानी की गंदगी से थोड़ी ऊंचाई पर पाइप लाइन है। घरों से निकलने वाली गंदगी में या बारिश से पूरी पाइप डूब जाती है। इसी लाइन से मोहल्ले में जलापूर्ति होती है।
यहां मोटी पाइप लाइन मिली। जिसमें दोनों तरफ से पाइप को जोडऩे का प्वाइंट है। नाले की गंदगी से ऊपर से होकर निकाली गई, लेकिन नाला उफनने की स्थिति में पाइपलाइन पूरी तरह से डूबती है। यहां की तस्वीर भी दूषित पानी सप्लाई होने के खतरे को बयां करती है।
इस जगह पर करीब छह फीट चौड़े नाले से ड्रेनेज की गंदगी निकलती है। पानी निकासी का भी यह बड़ा नाला है, जो महावीर नगर से होकर निकला है। कांशीरामनगर के पास ङ्क्षरग रोड ठीक किनारे से इस चौड़े नाले में जलापूर्ति की सबसे मोटी पाइप लाइन निकाली गई है। बीच में ज्वाइंट प्वाइंट है। नाला उफनाने पर लाइन पूरी तरह से डूब जाती है। महीनेभर पहले इसी जगह पर पाइप फूट जाने पर बिङ्क्षल्डग कराने की तस्वीर साफ दिखाई देती है।
मोहल्लों और कॉलोनियों की नालियों से पीने की पाइप लाइन जालों की तरह निकाली गई है। लोहे की पाइपलाइन होने से यह जंग लगने से जल्दी खराब होती है। इसके बाद भी निगम ऐसे पाइप बिछाकर जलापूर्ति कर रहा है। जबकि मेन पाइप लाइन जीआई मार्का होने से 40 से 50 सालों तक खराब नहीं होने का दावा जिम्मेदारों की ओर से किया जाता है।
पिछले साल होली के समय लाभांडी जोरा क्षेत्र में बोर का दूषित पानी आपूर्ति होने से संकल्प सोसयटी के कई परिवार उल्टी-दस्त के शिकार हुए। इसके बाद बोरवेल को सील करके निगम प्रशासन को टैंकरों से पानी सप्लाई कराना पड़ा। आज भी इस क्षेत्र के लोग बोरवेल का पानी पीने को मजबूर हैं। क्योंकि नई टंकी बनने के बाद मेन पाइप लाइन आज तक नहीं बिछी।
सवाल: शहर के कई जगह पाइप नाले में हैं क्या इंदौर जैसा खतरा नहीं है ?
जवाब: ऐसा नहीं है, परंतु चुनौती बड़ी है। शहर में शुद्ध पेयजल आपूर्ति प्राथमिकता है। नालों से जरूर पाइप निकाली गई, उसे ऊपर किस तरह किया जाए, इस पर कार्ययोजना बनाकर काम करेंगे।
सवाल: शहर के कई क्षेत्रों में हर दूसरे-तीसरे दिन लीकेज की समस्या है। इसी से तो खतरा है ?
जवाब: शहर के 70 वार्डों के लिए 10 अलग-अलग जोन बनाए गए हैं। हर जोन के जल कार्य विभाग की जिम्मेदारी है कि लीकेज होने पर तुरंत सूचना दें। यह समस्या बड़ी है।
सवाल: बड़े नालों में ही नहीं, मोहल्लों और कॉलोनियों की तस्वीरें काफी डरावनी हैं?
जवाब: हां यह बड़ी समस्या है। कई वार्डों में नालियों से घरेलू पाइप लाइन शिफ्ट करने का काम कराया गया है। परंतु इस पर ज्यादा काम करने की जरूरत है।
सवाल: अलग-अलग क्षेत्रों से पानी जांच की रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं की जाती?
जवाब: फिल्टर प्लांट में नगर निगम का खुद प्रयोगशाला है। जहां अलग-अलग क्षेत्रों से पानी का सेम्पल लेकर जांच कराई जाती है। उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक करने में कोई दिक्कत नहीं है।
Updated on:
03 Jan 2026 01:19 pm
Published on:
03 Jan 2026 01:11 pm
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