21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने नक्सल मुद्दे को लेकर कांग्रेस सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

छत्तीसगढ़ विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा, राज्यपाल के अभिभाषण में नक्सल पर कोई चिंता नहीं है।

2 min read
Google source verification
ajay chandrakar

डेंगू को लेकर स्वास्थ्य मंत्री का विवादित बयान, कहा - मरीज खुद की लापरवाही से गंवा रहे जान

रायपुर. छत्तीसगढ़ विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा, नक्सलियों ने बस्तर में कांग्रेस प्रत्याशियों को भीतरी क्षेत्रों तक प्रचार करने में मदद की है। कांग्रेस पक्ष के विधायकों ने इसका भारी विरोध किया।

अजय चंद्राकर ने कहा, एसआइटी गठित करने वाली सरकार बन गई है। सरकार को एक और एसआइटी का गठन करना चाहिए, जो यह तय करेगी कि किस-किस मामले में एसआइटी का गठन हो सकता है। बड़ी जांच एजेंसियों के बाद एसआइटी का गठन केवल भावनात्मक तरीका है।

रमन बोले- नक्सल पर नई नीति का परिणाम घातक
पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा, राज्यपाल के अभिभाषण में नक्सल पर कोई चिंता नहीं है। प्रदेश इसका दंश 40 वर्षों से जूझ रहा है। यह अजीब है कि अब बातचीत की बात की जा रही है। बातचीत का विरोध नहीं है लेकिन सरकार इसी नीति पर बढ़ी तो इसका परिणाम अगले 50 साल तक भुगतना पड़ेगा।

उन्होंने कहा, पिछले 50 वर्ष में नक्सलियों की ओर से बातचीत करने कौन आया। यह छोटी समस्या नहीं है। इसके लिए विपक्ष को साथ लेकर केंद्र की नीतियों पर ही चलना होगा। डॉ. सिंह ने कहा कि विकास तब तक अधूरा है जब तक शांति नहीं होती।

धरमजीत बोले- जांच तक मंत्री को हटाएं
जकांछ-बसपा गठबंधन के नेता धरमजीत सिंह ने कहा, झीरम कांड के सामने पर्दा है, उसे साफ होना चाहिए। दिवंगत नंदकुमार पटेल की हत्या से ठीक पहले जो चश्मदीद गवाह था, उस व्यक्ति को मंत्री बनाया दिया गया है।

उन्होंने कहा, कि क्या एसआइटी की हिम्मत है, जो मंत्री से सवाल पूछे। जब तक जांच पूरी नहीं होती है, तब तक गवाह को मंत्री पद से हटा देना चाहिए। साथ ही उन्होंने पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट या हाइ कोर्ट के न्यायाधीश की देखरेख में करने की मांग रखी।