
बप्पा को ऐसे दें विदाई, जानिए गणेश प्रतिमा विसर्जन करने का सही तरीका और पूजा विधि
रायपुर. गणेश चतुर्थी के दिन घर आए बप्पा अनंत चतुदर्शी (Anant Chaturdashi) के दिन अपने घर वापस लौट जाते हैं। 1 सितंबर को है गणेश विसर्जन। वैसे तो गणेश जी की प्रतिमा का विसर्जन गणेश चतुर्थी के तीसरे, चौथे, सातवें दिन भी किया जाता है लेकिन दसवें दिन यानी अंनत चतुर्दशी के दिन विसर्जन का सबसे ज्यादा महत्व माना गया है। विध्नहर्ता विनायक की प्रतिमा को उठाने से पहले उनकी 10 दिनों तक विधि विधान पूजा की जाती है। जानिए गणेश जी की प्रतीमा को विसर्जित करने का सबसे शुभ मुहूर्त और विसर्जन विधि…
विसर्जन में सभी लोग भावुक भी होते हैं। अगले बरस जल्द ही आने के भाव से श्रद्धालु नाचते गाते, विदाई गीत गाते हुए, पुष्पों और मालाओं से अबीर उड़ाते हुए श्री गणेश जी को पूरे शहर, नगर, गांव की रक्षा के भाव से भ्रमण कराते हुए विदा करते हैं। गणेश प्रतिमा के विसर्जन का समय, तिथि व मुहूर्त- विसर्जन से पूर्व एवं बाद में श्रद्धापूर्वक गणेश जी की आरती करें एवं पुष्पाजंली अर्पित कर सभी को प्रसाद बांटे।
– लकड़ी का एक पटरा लें और उसे गंगाजल से साफ कर लें अब घर की महिला उस पटरे पर स्वास्तिक बनाए।
– अब पटरे पर अक्षत रखें उस पर पीला, गुलाबी या लाल रंग का कपड़ा बिछाएं। फिर जिस स्थान पर गणपति की स्थापना की गई थी अब मूर्ति को वहां से उठाकर पटरे पर रखें।
– गणेश जी को विराजमान करने के बाद पटरे पर फल, फूल और मोदक रखें।
– गणेश जी को विदा करने से पहले उनकी प्रतिमा की विधिवत पूजा करें और बप्पा को भोग लगाएं। इसके बाद उन्हें वस्त्र पहनाएं।
– अब एक रेशमी कपड़ा लें उसमें मोदक, कुछ पैसे, दूर्वा घास और सुपारी लेकर उसमें गांठ बांध दें और इस पोटली को बप्पा के साथ ही बांध दें।
– अब घर के सभी लोग एक साथ बप्पा की आरती उतारें और गणपति बप्पा मोरया के जयकारे लगाएं।
– इसके बाद दोनों हाथ जोड़कर उनसे क्षमा प्रार्थना करें कि अगर इस दौरान कोई गलती हो गयी हो तो उसके लिए क्षमा करें।
– विजर्सन के समय ध्यान रहे कि गणेश प्रतिमा व अन्य चीजों को फेंके नहीं, बल्कि पूरे मान-सम्मान के साथ धीरे-धीरे एक-एक चीज विसर्जित करें।
Published on:
31 Aug 2020 10:07 am
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