
Chhattisgarh Weather Update(photo-patrika)
Chhattisgarh Weather Update: छत्तीसगढ़ में बीते दो दिनों से लगातार बारिश हो रही है। जिसके चलते प्रदेश के सभी नदी नाले उफान पर है। कई जगहों में बाढ़ के हालत बन हुए हैं। इस बीच प्रदेश में एक और नया सिस्टम सक्रिय होने के संकेत मौसम विभाग ने दिए है। वहीं आने वाले 24 घंटे में भारी से अतिभारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी हुआ है। आज दोपहर में बारिश थमने के बाद लोगों को राहत मिली।
बंगाल की खाड़ी में बने अवदाब और मानसूनी द्रोणिका के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में बारिश ने जोर पकड़ लिया है। छत्तीसगढ़ के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश हुई। राजधानी रायपुर में 154.4 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जबकि दुर्ग में 181 मिलीमीटर और राजिम में 185.8 मिलीमीटर बारिश ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। रायपुर में रात भर बारिश हुई है। सुबह से ही रिमझिम बारिश हो रही है। वहीं अगले 5 घंटे बाद एक और सिस्टम सक्रिय होने का अनुमान है। जिसके असर से तेज बारिश हो सकती है।
मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा ने बताया कि मानसून द्रोणिका सामान्य स्थिति से होकर गुजर रही है, जिससे बड़ी मात्रा में नमीं प्रदेश में पहुंच रही है। निम्न दाब क्षेत्र और उससे जुड़ा परिसंचरण वातावरण में हवा को ऊपर उठने के लिए मजबूर कर रहा है। बंगाल की खाड़ी से लगाकर गर्म और आद्र्र हवाएं छत्तीसगढ़ की ओर आ रहे हैं। मानसूनी हवाओं के सक्रिय होने के चलते बारिश हो रही है। उन्होंने बताया कि 7 जिले के लिए आरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जिसमें धमतरी के अलावा बीजापुर, दंतेवाड़ा, गरियाबंद, कांकेर और कोंडागांव शामिल है। मंगलवार तक झड़ी के साथ बारिश की संभावना है।
लंबे इंतजार के बाद झमाझम बारिश से किसानों के चेहरे खुशी से खिल उठे हैं। मानसूनी बारिश अन्नदाताओं के लिए वरदान बनकर बरस रहे हैं। सूखे की चिंता में डूबे किसान सुदर्शन ठाकुर, रामनारायण साहू और केवल साहू ने बताया कि इस बारिश ने खुर्रा बोनी करने वाले किसानों की फसलों को जीवनदान दिया है। अब खेतों में बोनी का काम तेजी से शुरू हो सकेगा। रोपाई के काम भी अब तेजी आएगी।
जिले के पलारी विकासखंड के ग्राम रोहांसी और अमेठी को जोड़ने वाली महानदी पर बना एनीकेट मात्र एक दिन की बारिश में पूरी तरह लबालब हो गया है। नदी में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं और वर्तमान में एनीकेट के ऊपर दो से ढाई फीट पानी बह रहा है। इसके कारण अमेठी और वन क्षेत्र में रहने वाले लोगों का पलारी क्षेत्र और बलौदा बाजार से संपर्क पुट गया है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पलारी और अमेठी-अर्जुनी को जोड़ने वाले इस मार्ग पर सिर्फ एक एनीकेट बना है। थोड़ी सी भी बारिश होने पर यह एनीकेट डूब जाता है, जिसके कारण ग्रामीणों को रोहांसी या पलारी आने के लिए लगभग 70 किलोमीटर का लंबा और अतिरिक्त सफर तय करना पड़ता है। क्षेत्र के लोग पिछले कई सालों से यहां एक बड़े ऊंचे पुल के निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन मांग अब तक पूरी नहीं हुई है।
लगातार हो रही बारिश से त्रिवेणी संगम का जलस्तर बढ़ने के बाद ऐतिहासिक कुलेश्वर महादेव मंदिर चारों ओर से पानी से घिर गया है। सोमवार को भगवान शिव के दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचने के लिए केवल लक्ष्मण झूला का सहारा लेना पड़ा। इसी मार्ग से श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर जलाभिषेक, पूजा-अर्चना और दर्शन का पुण्य लाभ प्राप्त किया।
बढ़े हुए जलस्तर के बीच पानी से घिरा कुलेश्वर महादेव मंदिर का मनोहारी दृश्य श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना रहा। मंदिर परिसर तक सामान्य मार्ग जलमग्न होने के कारण प्रशासन की निगरानी में श्रद्धालुओं की आवाजाही लक्ष्मण झूला के माध्यम से कराई गई। सावन से पहले ही महादेव के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
Updated on:
06 Jul 2026 05:29 pm
Published on:
06 Jul 2026 05:25 pm
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