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स्टॉक लिमिट से हड़कंप, अरहर समेत सभी दाल थोक में 100 रुपए से कम, चार माह बाद गिरे दाम

Arhar dal prices: दालों पर स्टॉक लिमिट 200 टन तय करने के बाद स्थानीय बाजारों में हड़कंप मच गया है। इधर थोक में सभी दालों की कीमतें 100 रुपए से नीचे आ चुकी है। लगभग तीन से चार महीने बाद यह स्थिति पहुंची हैं।

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स्टॉक लिमिट से हड़कंप, अरहर समेत सभी दाल थोक में 100 रुपए से कम, चार माह बाद गिरे दाम

रायपुर. Arhar dal prices: दालों पर स्टॉक लिमिट 200 टन तय करने के बाद स्थानीय बाजारों में हड़कंप मच गया है। इधर थोक में सभी दालों की कीमतें 100 रुपए से नीचे आ चुकी है। लगभग तीन से चार महीने बाद यह स्थिति पहुंची हैं। गोलबाजार में चिल्हर में भी कुछ दालें 100 के नीचे मिल रही है। हालांकि मोहल्लों में अभी भी कीमतें 100 के पार बनी हुई है।

स्टॉक लिमिट पर थोक और चिल्हर कारोबारी इसका खुलकर विरोध कर रहे हैं, वहीं मंडियों में खरीदी-बिक्री पर प्रभावित हो चुकी है। छत्तीसगढ़ दाल मिल एसोसिएशन का कहना है कि सभी दालों को मिलाकर 200 टन की स्टॉक लिमिट समझ से परे हैं। सामान्य स्थिति में किसी भी बड़े थोक व्यापारी के पास कम से कम 500 से 1000 टन का स्टॉक रहता है। नए दिशा-निर्देशों के मुताबिक अब थोक में 200 टन और चिल्हर में यह लिमिट 50 क्विंटल कर दिया गया है।

चैंबर ने भी जताई नाराजगी
छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स ने इस मामले में नाराजगी जताते हुए बीते दिनों चैंबर ने कृषि मंत्री रविंद्र चौबे को ज्ञापन सौंपा। चैंबर अध्यक्ष अमर परवानी ने कहा कि 14 मई को केंद्र सरकार ने सभी दलहन व्यापारियों को साप्ताहिक आधार पर अपने स्टॉक की घोषणा करने और सरकारी अधिकारियों से इसका भौतिक सत्यापन का आदेश दिया।

तमाम असुविधाओं के बावजूद व्यापारी वर्ग इस आदेश का पालन कर रहा है। अब 2 जुलाई को उपभोक्ता मामले विभाग ने सिर्फ मूंग को छोड़कर अन्य सभी दलहनों पर स्टॉक सीमा तत्काल प्रभाव से लागू करने का फैसला किया जो अप्रत्याशित है। केंद्र सरकार द्वारा समूचे देश में थोक दलहन व्यापारियों के लिए 200 टन की स्टॉक सीमा लगा दी गई है। इसका पूरे देश में विरोध हो रहा है।

और कम हो सकती है कीमतें
बाजार सूत्रों के मुताबिक स्टॉक क्लियर करने के लिए व्यापारी थोक बाजार दालों को औने-पौने दाम में बेचने को मजबूर होंगे, क्योंकि ऐसा नहीं करने पर उन पर कार्यवाही का डर बना रहेगा। ऐसी स्थिति में थोक और चिल्हर दोनों बाजारों में कीमतें टूटने की संभावना है। लेकिन व्यापारियों और किसानों को इससे बड़ा नुकसान होना तय है। इधर बाजार के हालातों पर गौर करें तो दाल थोक में सभी दालें थोक में 100 रुपए से नीचे आ चुकी है।

छत्तीसगढ़ दाल-मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष गोपालकृष्ण अग्रवाल ने कहा, केंद्र सरकार के इस अव्यवहारिक फैसले से व्यापारियों और किसानों को करोड़ों का नुकसान हो रहा है। दाल के बजाय यदि खाद्य तेलों पर यह लिमिट लगाया जाता तो आम लोगों को बड़ी राहत मिली। तेलों के दाम आज आसमान छू रहे हैं। दालें फिर भी कम है।

डूमतराई थोक बाजार के प्रवक्ता गोविंद माहेश्वरी ने कहा, थोक में सभी दालें 100 रुपए के नीचे आ चुकी है। गोलबाजार आदि चिल्हर बाजारों में अच्छी क्वालिटी की दाल 100 के भीतर मिल रही है। बाजार पहले से कमजोर हैं। स्टॉक लिमिट लगाने का कारण समझ नहीं आया।

यह है नियम
थोक विक्रेता- 200 टन (कोई भी दाल 100 टन से अधिक स्टाक नहीं)
चिल्हर विक्रेता- अधिकतम 50 क्विंटल

कीमतों की स्थिति
दालें- थोक में कीमतें-चिल्हर में कीमतें
राहर दाल-70-90-80-110
उड़द दाल-75-90-80-100
चना दाल-59-63-70-75
मूंग दाल-70-80-80-90
(कीमतें- थोक में कीमतें डूमरतराई थोक बाजार और चिल्हर में गोलबाजार के मुताबिक)