
Bageshwar Dham Sarkar Katha In Raipur
Bageshwar Dham: गुढ़ियारी के दही हांडी मैदान में चल रही श्रीरामकथा मे गुरुवार को बागेश्वर धाम सरकार (Bageshwar Dham Sarkar) ने श्रद्धालुओं को मंत्र दिया, भगवान में आस्था है तो उलझनों में भी रास्ता है। जो गुरु को तो मानते हैं पर गुरु की नहीं मानते उन्हें कभी सफलता नहीं मिलती। अपने माता-पिता और गुरु का सदैव सम्मान करें। गुरुवार को पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, वीणा सिंह, पूर्व मंत्री राजेश मूणत, श्याम बैस भी कथा सुनने के लिए पहुंचे।
डॉ. रमन ने कहा कि आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (Dhirendra Krishna Shastri Bageshwar Dham) की छत्तीसगढ़ की भूमि में कथा करवाने के लिए ओमप्रकाश मिश्रा और उनके सहयोगिया का अभिनंदन है। कौशल्या माता का यह प्रदेश बागेश्वर धाम बन गया है। महाराजश्री के बागेश्वरधाम (Bageshwar Dham) में वर्षों से हजारों लोगों के लिए अनवरत भंडारा किया जा रहा है। मैं पूरे छत्तीसगढ़ की जनता के सुख, शांति, समृद्धि की कामना बागेश्वर बाबा से करता हूं।
महाराजश्री ने गुढ़ियारी वाले प्राचीन हनुमान समेत प्रदेश के समस्त देवी-देवताओं का स्मरण करते हुए उन्हें प्रणाम किया। उन्होंने कहा कि दंडकारण्य की जिस धरा में भगवान श्रीराम ने अपने जीवन का सर्वाधिक समय बिताया, उस धरा में उन्हें कथा सुनाते हुए बहुत आनंद मिल रहा है। छत्तीसगढ़ से उनके मन में लगाव बहुत बढ़ गया है।
कथा में श्रीराम के जनकपुरी आगमन का प्रसंग सुनाया
गुरुवार की कथा में महाराज ने आचार्य विश्वामित्र के साथ भगवान श्रीराम-लक्ष्मण का जनकपुरी आगमन, नगर भ्रमण पर कौतुहलवश संपूर्ण नगरी का उनको निहारना, सुबह गुरु पूजन के लिए पुष्प एकत्रित करने वाटिका जाना और माली द्वारा उन्हें रोकना फिर पुष्प चुनना, पुष्प वाटिका में अपनी अष्ट सखियों के साथ सीता से भेंट और उनके मन को हरना आदि प्रसंगों को विस्तार से बताया। संगीतमयी भजन से हजारों की संख्या में उपस्थित श्रद्धालुगण झूमने लगे।
Published on:
20 Jan 2023 12:03 pm
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