
बीएसपी कोक ओवन में मरम्मत कार्य के दौरान लापरवाही से हुआ गैस पाइपलाइन में विस्फोट
भिलाई. भिलाई स्टील प्लांट के कोक ओवन गैस पाइपलाइन में मंगलवार को पूर्वान्ह 11 बजेे मरम्मत के दौरान विस्फोट से 11 लोगों की मौत हो गई। इस हादसे में 30 लोग झुलसे हैं, जिनमें गंभीर रूप से घायल 10 कर्मियों का सेक्टर-9 अस्पताल में बर्न यूनिट में स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की निगरानी में उपचार किया जा रहा है। गंभीर रूप से अन्य घायलों का आइसीयू में इलाज किया जा रहा है। हादसे के दौरान मरने वालों में बीएसपी के 6 नियमित कर्मी और फायर ब्रिगेड के 5 जवान शामिल हैं।
जानकारी के मुताबिक, मंगलवार सुबह करीब 11 बजे भिलाई स्टील प्लांट के कोक ओवन बैटरी नंबर 11 के सीडीसीपी कोक ओवन गैस पाइपलाइन में तय शेड्यूल के तहत मरम्मत काम किया जा रहा था। लगभग 1800 मिमी डाया की पाइपलाइन की मरम्मत के लिए शट डाउन लिया गया था। लगभग 50 फीट ऊंचाई पर 30 कर्मियों की टीम वेल्डिंग कर रही थी। बगल में ही उतनी ही ऊंचाई पर दमकल विभाग के 4 जवान तैनात थे। वेल्डिंग के दौरान अचानक जोरदार ब्लास्ट के साथ आग का गोला निकला, जिससे जबर्दस्त विस्फोट हो गया।
गैस पाइपलाइन फटने से लगभग 30 कर्मी इसकी चपेट में आ गए। हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारी सेक्टर-9 अस्पताल पहुंच गए। आइजी जीपीसिंह, कलक्टर उमेश अग्रवाल व एसएसपी डॉ.संजीव शुक्ला ने अस्पताल में हालात का जायजा लिया। बीएसपी के सीइओ एम रवि भी अन्य अधिकारियों के साथ सेक्टर-9 अस्पताल पहुंचे और घायलों के इलाज के संबंध में डाक्टरों से बात की। केंद्रीय इस्पात मंत्री चौधरी वीरेंद्र सिंह बुधवार को भिलाई पहुंचेंगे।
शवों की पहचान करना मुश्किल
बीएसपी में मेंटनेंस के दौरान गैस पाइपलाइन फटने से मरने वालों की पहचान करना मुश्किल है। परिजन तक पहचान नहीं कर पा रहे हैं। इस भयानक हादसे में एनर्जी मैनेजमेंट के अकील अहमद, गणेश राव, उदय पांडेय, इंद्ररमन दुबे समेत 9 लोगों की मौत की पुष्टि बीएसपी प्रबंधन ने किया। फिर रात में 11 लोगों के मरने की पुष्टि प्रबंधन ने की।
प्रबंधन कराएगा डीएनए टेस्ट
मृतकों का शव जलकर कोयला हो गया है। परिजन भी नहीं पहचान कर पा रहे हैं। कई मृतकों के परिजनों ने डीएनए टेस्ट की मांग की है। इसके बाद बीएसपी प्रबंधन ने डीएनए टेस्ट कराने का फैसला किया है। डीएनए टेस्ट के बाद ही शव परिजनों को सौंपे जाएंगे।
सुरक्षा में बड़ी चूक, चार फायर ब्रिगेड कर्मियों ने भी गंवाई जान
उत्पादन के नए-नए पैमाने गढऩे वाले भिलाई स्टील प्लांट में मंगलवार को हुए दूसरे सबसे बड़े हादसे की वजह सुरक्षा में बड़ी चूक बताई जा रही है। प्लांट में काम करने वाले कर्मियों ने बताया कि लंबे समय से मरम्मत के दौरान सुरक्षा के तय मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था, जिसका आज भयानक रूप देखने मिला है। इधर, हादसे में आग बुझाने पहुंचे फायर ब्रिगेड के चार कर्मियों के मौत की खबर भी सामने आ रही है।
उच्चस्तरीय समिति करेगी जांच : साय
केंद्रीय इस्पात राज्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि मामले की जांच के लिए मंत्रालय की ओर से उच्चस्तरीय जांच समिति बनाई जाएगी। केंद्रीय मंत्री ने घटना को दुखद बताते हुए कहा कि झुलसे हुए कर्मियों के लिए एम्स से डॉक्टर बुलाए जाएंगे। मृतकों के परिजनों को 20 से 69 लाख रुपए तक सहायता राशि की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि इसके अलावा केंद्रीय इस्पात मंत्री जो मुआवजा की घोषणा करेंगे, वह अलग है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस घटना के लिए जो भी जवाबदेह हैं,उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
भिलाई इस्पात संयंत्र के जनसंपर्क अधिकारी विजय मैराल ने बताया कि स्टील अथॉरिटी ऑफ इण्डिया लिमिटेड (सेल) की इकाई भिलाई इस्पात संयंत्र में मंगलवार की सुबह 10.30 बजे नियमित मरम्मत कार्य के दौरान कोक ओवन बैटरी कॉम्प्लेक्स नंबर 11 के गैस पाइपलाइन में आग लगने की एक दुखद घटना घटी है।
इस स्थान पर कार्य कर रहे कुछ लोग जलने से घायल हुए हैं। घायल लोगों को तत्काल भिलाई जनरल अस्पताल इलाज के लिए पहुंचाया गया है। आग को नियंत्रित कर लिया गया है। इस घटना में ११ लोगों के जीवन की अपूरणीय क्षति हुई है। घायलों का अस्पताल में इलाज किया जा रहा है। इस मौके पर पूरा बीएसपी परिवार मृतकों और घायलों के परिजनों के साथ खड़ा है।
कार्यक्रम निरस्त कर अस्पताल पहुंचे नेता
हादसे की जानकारी मिलते ही चुनावी कार्यक्रमों में सक्रिय प्रमुख नेता अपने कार्यक्रम निरस्त कर भिलाई पहुंचे। उन्होंने भिलाई सेक्टर-9 के अस्पताल पहुंचकर घायलों से मुलाकात की। स्थानीय विधायक और मंत्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय, विधायक अरुण वोरा, विद्यारतन भसीन और आप के प्रदेश प्रभारी और दिल्ली के श्रम मंत्री गोपाल राय भी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने बीएसपी प्रबंधन से भी हादसे के बारे में बात की।
Published on:
10 Oct 2018 10:44 am
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