
रायपुर . पड़ोसी राज्य ओडिशा का शहर भुवनेश्वर शतप्रतिशत आबादी को दोनों डोज लगाने वाला देश का पहला शहर बन गया है। मगर, रायपुर शहर इस मामले में बहुत पीछे है। हमें रफ्तार बढ़ानी होगी, तभी तीसरी लहर के प्रभाव को कम किया जा सकता है। मगर, भुवनेश्वर ने यह रेकॉर्ड कैसे बनाया? पत्रिका ने इसे लेकर पड़ताल की। सामने आया कि भुवनेश्वर को कोविशील्ड की तुलना में कोवैक्सीन अधिक मिली। यहां 100 प्रतिशत टीकाकरण में 81 प्रतिशत आबादी को कोवैक्सीन लगी। जिसके दोनों डोज के बीच 28 दिन का अंतर है। वहीं रायपुर में सर्वाधिक कोविशील्ड लगीं। जिसके दोनों डोज के बीच 84 दिन का अंतर है। रायपुर, इंदौर से भी पीछे हैं, जहां 26 प्रतिशत आबादी को दोनों डोज लग चुके हैं।
आंकड़ों से समझें तो रायपुर की 936561 लक्षित शहरी आबादी में से 31 जुलाई तक 519913 को कोविशील्ड का पहला डोज (54 प्रतिशत) लगा तो 169986 को दूसरा डोज। वहीं 157418 आबादी को कोवैक्सीन का पहला (16.8 प्रतिशत) और 36296 को दूसरा डोज लगा। अगर, कोवैक्सीन अधिक मिलती तो संभव है कि यह प्रतिशत अधिक होता। ज्यादा आबादी सुरक्षित हो गई होती। दूसरी तरफ एक सच्चाई यह भी है कि छत्तीसगढ़ को जुलाई में 24 लाख डोज मिले थे, अगस्त में कोटा कम करते हुए केंद्र सरकार ने सिर्फ 19.90 लाख डोज दिए हैं। ये टीके सभी 28 जिलों में आवंटित होने हैं। इनमें भी कोविशील्ड टीकों की संख्या सर्वाधिक है।
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2 पड़ोसी राज्यों के बड़े शहरों की रायपुर से तुलना-
1- भुवनेश्वर शहर- आबादी 9.07 लाख। शतप्रतिशत टीकाकरण हुआ।
- सभी को दोनों डोज लग चुके हैं। एक लाख प्रवासियों को भी टीके लगाए गए। 18.16 लाख डोज लगाए गए।
2- इंदौर शहर- 26 प्रतिशत आबादी को दोनों डोज लगे।
शहरी आबादी- आबादी 18.81 लाख। 96 प्रतिशत को पहला डोज लगा।
3- रायपुर शहर- आबादी 9.36 लाख।
- इनमें से 72.72 प्रतिशत को पहला और 22.09 प्रतिशत को दोनों डोज लग पाए हैं।
रायपुर जिले की 17.52 लाख आबादी में 18.08 प्रतिशत को दोनों डोज लगे
रायपुर जिले की कुल लक्षित आबादी 17,52,556 है। जिले में अभनपुर, आरंग, धरसींवा, तिल्दा, रायपुर शहर और बिरगांव शामिल है। 31 जुलाई तक इस आबादी में 67.42 को पहला और सिर्फ 18.08 प्रतिशत को दूसरा डोज लग पाया है। सबसे कम टीकाकरण का प्रतिशत आरंग ब्लॉक में 11.36, बिरगांव में 18.8 प्रतिशत, अभनपुर में 13.32 प्रतिशत, धरसींवा में 13.52 प्रतिशत, तिल्दा में 17.55 प्रतिशत और रायपुर शहर में 22.09 प्रतिशत है। स्पष्ट कि ग्रामीण क्षेत्रों में टीकाकरण कम हुआ है। रायपुर में 53 प्रतिशत पुरुष और 47 प्रतिशत महिलाओं ने टीका लगवाया।
तीसरा लहर की आशंका है टीका लगवाएं
कोरोना की तीसरी लहर आनी तय है। इस बात को स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने विधानसभा में भी कहा था। मगर, इसका स्वरूप क्या होगा? यह 3 बात पर निर्भर करता है। पहला, टीकाकरण कितना हुआ है? दूसरा, हर्ड इम्युनिटी कितने प्रतिशत विकसित हुई है। तीसरा, हम कोरोना प्रोटोकॉल का कितना पालन कर रहे हैं? प्रोटोकॉल का पालन अब नहीं हो रहा। इसलिए टीका ही बचाव है।
हमें कोविशील्ड ज्यादा मिलीं। इसमें 84 दिन लंबा अंतर होता है। मगर, पहला डोज लेने के बाद कम लोग दूसरा डोज लगवाने आ रहे हैं। यह भी सच है। इसके लिए प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।
- डॉ. आशीष वर्मा, जिला टीकाकरण अधिकारी, रायपुर जिला
Updated on:
08 Aug 2021 11:49 am
Published on:
08 Aug 2021 11:37 am
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