
भूपेश बोले - मेरे पास झीरम कांड की नई जानकारी, CM ने कहा - सबूत लेकर घर में क्यों बैठे हैं
रायपुर . कांग्रेस के 132वें स्थापना दिवस पर भावुक प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल ने कहा कि झीरम घाटी हमले की सच्चाई अभी तक सामने नहीं आई है। उन्होंने दावा किया कि उनके और पत्रकार विनोद वर्मा के पास झीरम घाटी हमले के बारे में नई जानकारी है। एनआईए अपनी जांच बंद कर चुकी है। वैसे भी एनआईए की जांच एक उपनिरीक्षक स्तर के अधिकारी से कराई गई थी, जिसकी रिपोर्ट पर उन्हें यकीन नहीं है। जांच बंद हो जाने के बाद वे सबूत किसे सौंपें।
भूपेश बघेल का कहना था कि इसीलिए वे मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग करते रहे हैं, ताकि उसे नए तथ्य दिए जा सकें। २५ मई २०१३ को सुकमा के झीरम घाटी में माओवादियों ने कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा पर हमला कर वरिष्ठ नेताओं की हत्या कर दी थी। पिछले डेढ़ वर्ष से भूपेश बघेल इस मामले में षड़यंत्र का आरोप लगाकर सीबीआई से जांच कराने की मांग उठा रहे हैं। राज्य सरकार ने विधानसभा में सीबीआई से जांच कराने की घोषणा भी की थी, लेकिन तकनीकी कारणों से केंद्र सरकार ने राज्य के अनुरोध को स्वीकार नहीं किया।
सीएम ने कहा-सबूत लेकर घर में क्यों बैठे
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि भूपेश बघेल के पास सबूत हैं, तो चार साल से घर में रखकर क्यो बैठे हैं? उसे सार्वजनिक करना चाहिए। सबूत को जेब में रखकर घूमने से क्या होगा। सबूत है, तो उसे हिम्मत के साथ राष्ट्रीय स्तर की एजेंसी के सामने रखना चाहिए।
दो माह चलने वाली पदयात्रा की शुरुआत
स्थापना दिवस से कांग्रेस ने रायपुर के 70 वार्डों में होने वाली जन अधिकार पदयात्रा की शुरुआत की। कालीबाड़ी चौक स्थित इंदिरा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पदयात्रा नेहरू नगर, आरडीए कॉलोनी, पुजारी नगर, छुईयातालाब, सिद्धार्थ कॉलोनी, हमीदनगर तक गया। वहां से चांदनी चौक के हनुमान मंदिर और मजार में दर्शन-पूजन कर लौटा। शहर जिला अध्यक्ष विकास उपाध्याय ने बताया कि 10 चरणों की यात्रा के पहले हिस्से में दक्षिण विधानसभा के 7 वार्डों में सुबह 8 बजे और शाम को 4 बजे से पदयात्रा होगी। इस दौरान भाजपा की नीतियों एवं शहर के निष्क्रिय सांसद एवं सत्ताधारी दल के विधायकों पोल खोली जाएगी।
डॉक्यूमेंट्री देखकर छलकीं नेताओं की आंखें
कांग्रेस भवन मेंं आयोजित कार्यक्रम में पार्टी की शहर इकाई ने एक डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन किया। करीब 50 मिनट की इस फिल्म में 1885 में कांग्रेस स्थापना से आज तक देश सेवा में अपने प्राण न्योछावर करने वाले राष्ट्रीय और क्षेत्रीय नेताओं की गाथा का प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शन के दौरान प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल, कमलेश्वर पटेल, धनेंद्र साहू, विकास उपाध्याय, उषा रंजन श्रीवास्तव, कल्पना पटेल जैसे नेताओं सहित तमाम कार्यकर्ताओं की आंखों से आंसू छलक आए।
Published on:
22 May 2018 02:16 pm
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