रायपुर. झीरम कांड की दसवीं बरसी पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला किया। उन्होंने गुरुवार केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र ने खूंखार नक्सलियों के नाम एफआईआर से हटा दिए। उन्होंने तल्ख लहजे में कहा कि कि जो पहली रिपोर्ट प्रस्तुत की गई उसमें भी रमन्ना और गणपति का नाम नहीं था। सवाल इस बात का है कि मोदी सरकार, भारतीय जनता पार्टी की सरकार रमन्ना और गणपति को क्यों बचा रही है। उससे पूछताछ क्यों नहीं की गई। उसकी संपत्ती कुर्क क्यों नहीं की गई। सबसे बड़ी बात यह है कि एक बार यदि एफआईआर में किसी का नाम दर्ज हो जाए तो वह हटता नहीं है। भारतीय जनता पार्टी बताए कि इन दोनों का नाम क्यों हटाया गया और इन्हें क्यों बचाना चाहते हैं। आपका उद्देश क्या था। बघेल ने कहा कि जो आयोग का गठन किया गया था, उसकी रिपोर्ट आई लेकिन उसे राज्य सरकार को न सौंपकर सीधे राजभवन को दे दिया गया। जब हमारे पास रिपोर्ट आई ही नहीं तब हमने आयोग का गठन किया। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा नेता धरमलाल कौशिक ने उस पर स्टे ले लिया।