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भगवान राम की माता कौशल्या की जन्मतिथि की खोज हुई शुरू

जन्मतिथि बताने वाले को दूधाधारी मठ देगा 11 लाख रुपएभगवान राम की माता का जन्मोत्सव मनाने की चल रही तैयारी

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भगवान राम की माता कौशल्या की जन्मतिथि की खोज हुई शुरू

भगवान राम की माता कौशल्या की जन्मतिथि की खोज हुई शुरू

रायपुर. सर्वोच्च न्यायालय के फैसले से रामलला को अयोध्या में जन्मस्थान की जमीन मिल चुकी है। अब छत्तीसगढ़ में उनकी माता कौशल्या की प्रतिष्ठा को वैश्विक करने की कवायद तेज हुई है। यहां कौशल्या उत्सव बनाने की तैयारी है। इसके लिए कौशल्या की जन्मतिथि की जरूरत होगी। रायपुर स्थित प्रतिष्ठित दूधाधारी मठ ने इसके लिए दुनिया भर के विद्वानों से प्रविष्टियां आमंत्रित की हैं। मठ के महंत रामसुंदर दास ने माता कौशल्या की जन्मतिथि का सर्वोत्तम अनुमान लगाने वाले को 11 लाख रुपए और सम्मान पत्र देने की घोषणा की है।
पत्रिका से बातचीत में महंत रामसुंदर दास ने कहा, जब राम जन्मोत्सव, कृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाती है तो माता कौशल्या का जन्मोत्सव क्यों नहीं? इस संबंध में कहीं तो कोई उल्लेख होगा। अगर नहीं भी है तो उसका निर्धारण किया जा सकता है। उनका कहना था, भगवान राम की जन्मकुंडली के मातृभाव को भी आकलन का आधार बनाया जा सकता है। महंत रामसुंदर दास ने कहा, प्रदेश जल्दी कौशल्या उत्सव मनाएगा। रामायण और पुराणों के मुताबिक कौशल्या तत्कालीन कौशल देश के राजा भानुमंत की पुत्री थीं। कौशल देश की पहचान छत्तीसगढ़ के रूप में सिद्ध हो चुकी है। बताया जाता है कि रायपुर से 25 किमी दूर चंद्रखुरी में ही कौशल्या का जन्म हुआ था। वहां उनका एक मंदिर है, जिसमें भगवान राम को गोद में लिए हुए कौशल्या की प्रतिमा है।
एेसे तय होगी जन्मतिथि
महंत रामसुंदर दास ने बताया, दुनिया भर से इतिहास, पुरातत्व, धर्म और ज्योतिष के विद्वानों से प्रविष्टियां मंगाई गई हैं। प्रविष्टियां 15 दिसम्बर तक दूधाधारी मठ के पते पर भेजनी होंगी। प्रतिष्ठित विद्वानों से बनी एक ज्यूरी इन प्रविष्टियों में से सर्वश्रेष्ठ और तार्किक जन्मतिथि निर्धारण करेगी।