
अगर आप भी ISI मार्क देखकर खरीदते हैं पानी की बोतलें तो सावधान, ऐसे हो रहा है इनका निर्माण
रायपुर. भारतीय मानक ब्यूरो (बीआइएस) की रायपुर शाखा के अधिकारियों ने एक फैक्ट्री में छापा मारकर डुप्लीकेट ISI मार्क वाले पानी के बोतलों की बड़ी खेप पकड़ी। यहां बिना अनुमति पानी बोतल पर आइएसआइ मार्का का उपयोग किया जा रहा था। सूचना के आधार पर टीम ने यहां दबिश की, जिसके बाद बड़ी संख्या में निर्मल जल ब्रांड का पानी बोतल जब्त किया गया।
बीआइएस के वैज्ञानिक एफ एवं प्रमुख वी. गोपीनाथ ने बताया कि ग्राम जरोदा में मेसर्स जे.डी. प्रोडक्ट द्वारा बिना बीआइएस वैध लाइसेंस के निर्मल जल ब्रांड का उपयोग कर अवैध रूप से पैकेजबन्द पेयजल का निर्माण किया जा रहा था एवं उत्पाद पर आइएसआइ मार्का का दुरूपयोग भी किया जा रहा था।इस पर बीआइएस के जांच दल ने स्थानीय पुलिस प्रशासन के सहयोग से छापेमारी की। छापेमारी में मेसर्स जे.डी. प्रोडक्ट द्वारा निर्माण किए गए भारी मात्रा में पानी के 1 लीटर वाले बोतल बंद पेयजल की आइएसआइ मार्क युक्त बोतलें पाई गई, जिसे जब्त कर लिया गया है।
कंपनी के मालिक दीपक वर्मा के विरूद्ध भारतीय मानक ब्यूरो के अधिनियम 2016 के तहत कार्रवाई की जाएगी। दोष साबित होने पर कम से कम 2 लाख से लेकर 5 लाख रुपये तक का जुर्माना या एक साल की जेल या दोनों हो सकती है। इसके अलावा जब्त किए गए माल का 10 गुना जुर्माने का भी प्रावधान है।
जानकारी के मुताबिक शहर में 50 से अधिक पानी बोतल व पानी पाउच बनाने वाली कंपनी के पास आईएसआई मार्का नहीं है। ये कंपनियां अलग-अलग स्थानों पर अलग-अलग नाम से पानी बोतल, जार और पानी पाउच की बिक्री करती है। बीआइएस के अधिकारियों का कहना है कि सूचनाओं के आधार पर टीम भेजी जाती है। आइएसआइएस मार्का लगाने के बाद यदि लाइसेंस नवीनीकरण नहीं किया गया तब भी फैक्ट्री या पानी बोतल बनाने वाली कंपनी पर कार्यवाही की जा सकती है।
जार में पानी बेचना गैरकानूनी
कार्यवाही के दौरान बीआइएस के अधिकारियों ने बताया कि आजकल बड़े जार में फिल्टरयुक्त पानी की बिक्री का चलन बढ़ चुका है। इस संबंध में किसी प्रकार का नियम नहीं बनाया गया है। इसमें पानी की शुद्धता के लिए कोई पैमाना तय नहीं किया गया है, लिहाजा यह पूरी तरह गैरकानूनी है।
फूड सेफ्टी एक्ट के मुताबिक किसी भी पानी बोतल या पानी पाउच की बिक्री बिना आइएसआइ मार्का के नहीं हो सकती। बीआईएस के अधिकारियों का कहना है कि आइएसआइ मार्का लगाकर इसके दुरूपयोग पर कार्यवाही की जिम्मेदारी बीआइएस की है, लेकिन बोतल में ही आइएसआइ मार्का नहीं है, तब इस स्थिति में पानी फैक्ट्री पर खाद्य विभाग को कार्यवाही करनी चाहिए।
Published on:
24 Oct 2018 09:12 am
बड़ी खबरें
View Allरायपुर
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
