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दुर्लभ वन्यजीवों के अंगों की तस्करी में फंसा इस BJP नेता का छोटा भाई, जानिए कौन है ये मंत्री

करोड़ों के कारोबार सहित जानवरों के गर्भाशय, दांत, गुप्त अंग, नाखून, दांत, आंत आदि जब्त किए जाने की जानकारी दी गई थी।

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दुर्लभ वन्यजीवों के अंगों की तस्करी में फंसा इस BJP नेता का छोटा भाई, जानिए कौन है ये मंत्री

रायपुर. राजधानी के गोलबाजार स्थित जड़ी-बूटी और पूजा सामग्री की दुकान से जब्त किए गए दुर्लभ जीवों के अंगों की तस्करी के मामले में अब सियासी बवाल मच गया है। कांग्रेस ने इस पूरे मामले में सरकार को घेरते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं उस मंत्री के पद से इस्तीफे की मांग की गई है। इधर वन विभाग ने मामले की जांच के लिए टीमें गठित कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक जब्त सामग्रियों की गहन जांच-पड़ताल की जा रही है। वर्तमान में कीमतों का सही आंकलन नहीं किया जा सका है, वहीं जब्त सामान को विशेषज्ञों से भी पड़ताल कराई जाएगी।

दरअसल यह दुकान छग पर्यटन मंडल के उपाध्यक्ष केदार नाथ गुुप्ता के छोटे भाई रत्नेश गुप्ता की दुकान है। बता दे कि 2 दिन पहले गोलबाजार में जानवरों की अंगों की तस्करी का खुलासा हुआ था, जिसमें करोड़ों के कारोबार सहित जानवरों के गर्भाशय, दांत, गुप्त अंग, नाखून, दांत, आंत आदि जब्त किए जाने की जानकारी दी गई थी।

पर्यटन मंडल के उपाध्यक्ष केदार गुप्ता ने कहा कि आरोप बेबुनियाद है। रत्नेश अग्रवाल उनके भाई है, लेकिन उनका परिवार बड़ा है। सबका अलग-अलग व्यवसाय व चूल्हे अलग है। कांग्रेस का आरोप राजनीति से प्रेरित है। जब्त सामानों की कीमत जो करोड़ों में बताई जा रही है, वही भी गलत है।

गोलबाजार स्थित न्यू शिवराम गुप्ता के संचालक रत्नेश गुप्ता ने जारी बयान में कहा कि उनके दुकान से जब्त सामान की कीमत कुल 43 हजार रुपए हैं। दिल्ली के एक्टिविस्ट दीपक कुमार के साथ वन विभाग के अधिकारियों ने दुकानों से जो सामान जब्त किया है, वह पूजा के काम में आता है।

प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता धनंजय सिंह ने कहा कि भाजपा नेता केदारनाथ गुप्ता आपराधिक गतिविधियों में लिप्त है। दरअसल यह काफी लंबे समय से संचालित हो रहा था, लेकिन दिल्ली से आए वाइल्ड लाइफ क्राइम ब्यूरो की टीम के दखल के बाद विभाग को भी मजबूर होना पड़ा। छापे के दौरान कई दुर्लभ जीव-जंतुओं के अंग मिले हैं। इससे साफ है कि यह सब सरकार के संरक्षण में चल रहा था।

वन विभाग के प्रधान वन संरक्षक अरूण कुमार ने बताया कि मामले की जांच जारी है। जब्त अंगों की विशेषज्ञों द्वारा जांच कराई जाएगी, वहीं टीमें गठित की गई है।