रायपुर।करीब 50 दिनों से लगातार चल रहे किसानों के विरोध प्रदर्शन के बाद मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने कृषि कानून (SC decision on agricultural laws) पर अंतरिम रोक लगा दी है। इस निर्णय पर बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह (EX CM Raman Singh) ने कहा है कि, मैं इस बात से आशान्वित हूं कि कोर्ट के इस फैसले के बाद सकारात्मक रास्ता निकल सकेगा। कोर्ट के बाहर यदि समाधान निकल जाए, तो यह अच्छी बात होगी।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर (Union Minister Narendra Singh Tomar) ने पहले ही कहा है कि जो सुप्रीम कोर्ट का फैसला आएगा, हम उसका क्रियान्वयन करेंगे। अब जब फैसला आया है, तो उसका क्रियान्वनय केंद्र सरकार करेगी। यह फिलहाल स्पष्ट हो गया है कि कोर्ट के आदेश के बाद कृषि कानून पर फिलहाल अंतरिम रोक लगाई गई है। सुप्रीम कोर्ट (supreme court) ने जिस चार सदस्यीय कमेटी का गठन किया है, यह कमेटी संबंधित सभी पक्षों से बातचीत कर निराकरण निकालेगी।
डॉक्टर रमन सिंह ने कहा कि सटे का मतलब है कि फिलहाल कानून (3 New Agricultural laws) के क्रियान्वयन की कार्यवाही अंतिम फैसला आने तक रोक दिया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने यह जो वक्त दिया है, इस में सरकार और किसान संगठनों को अपनी-अपनी बातें रखने और समझाने का मौका मिलेगा। कमेटी की जवाबदारी होगी कि दोनों पक्षों से बात करें और एक आम सहमति पर पहुंचे।

इससे पहले दिल्ली में आंदोलनरत किसानों (Delhi Farmers protest) को खालिस्तानी (Khalistan) बताने वाले बयानों पर पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह ने कहा है कि किसान, किसान होता है। इसे खालिस्तानी या कुछ और कहने बोलने की जरूरत नहीं है। आंदोलनरत लोग भी किसान हैं। इन्हें कुछ कहा जाए इसे मैं उचित नहीं मानता। केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने यह कभी नहीं कहा, किसी भी केंद्रीय नेतृत्व ने ऐसा कभी नहीं कहा। अलग-अलग लोगों के दिए गए बयानों को राष्ट्रीय नेताओं से जोड़ना ठीक नहीं।