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राशन दुकान से चावल की कालाबाजारी, चोरी पकड़ी गई तो कह दिया संचालक की हो गई मृत्यु

दो साल में शासकीय मूल्य से 76 लाख 50 हजार रुपए का चावल की कालाबाजारी कर दी गई। जब पोल खुलने का डर हुआ तो त्यागपत्र दे दिया। बताते चलें कि रिकवरी करने के लिए सरकार ने 45 रुपए प्रतिकिलो की दर तय कर रखी है। यहां के सेल्समैन ने 21 नवंबर को दुकान चलाने में असमर्थता दिखाते हुए इस्तीफा दिया है।

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file photo

राशन दुकानों में सत्यापन के दौरान बड़े-बड़े खुलासे हो रहे हैं। लाखों का चावल राशन दुकानों से खुले बाजार में बिक चुका है। अब जांच के बाद कार्रवाई के डर से राशन दुकान संचालक दुकान का इस्तीफा दे रहे है। इसी तरह का मामला राजधानी की राजा तालाब स्थित, जय हिंद प्राथमिक सहकारी उपभोक्ता भंडार दुकान क्रमांक 441001080 में आया है। यहां के सेल्समैन ने 21 नवंबर को दुकान चलाने में असमर्थता दिखाते हुए इस्तीफा दिया है।

आवेदन में दुकान नहीं चलाने का कारण लिखा है कि दुकान के अध्यक्ष की मौत कोरोना के कारण दो साल पहले हो गई थी। जब खाद्य विभाग के निरीक्षक ने इसकी जांच की तो बड़ा खुलासा हुआ। दुकान में से 1700 क्विंटल चावल कम है। अब दुकान नई समिति को देने से पहले सत्यापन करके ही हैंडओवर किया जा सकता है। जिससे यह साफ है कि इन दो साल में शासकीय मूल्य से 76 लाख 50 हजार रुपए का चावल की कालाबाजारी कर दी गई। जब पोल खुलने का डर हुआ तो त्यागपत्र दे दिया। बताते चलें कि रिकवरी करने के लिए सरकार ने 45 रुपए प्रतिकिलो की दर तय कर रखी है।
नाम किसी का और चलाता कोई और था दुकान:
खाद्य विभाग के अधिकारियों ने जांच में पाया कि दुकान के विक्रेता फरजाना खान पत्र के माध्यम से खाद्य विभाग को जानकारी दी थी कि संस्था के अध्यक्ष की मौत हो चुकी है। जब भौतिक सत्यापन की रिपोर्ट बनाने निरीक्षक पहुंचे तो कर्मचारियों ने बताया कि दुकान का संचालन राकेश मिश्रा नाम के व्यक्ति द्वारा किया जा रहा था। राकेश मिश्रा ने कभी भी अध्यक्ष की मौत होने की जानकारी नहीं दी।
इसके लिए मचा हड़कंप:
वन नेशन वन राशन कार्ड योजना के तहत राशनदुकानों में पहले बचे चावल को समायोजित करने का कठिन निर्णय लिया है। प्रदेश के राशनदुकानों में 2 लाख क्विंटल चावल विभाग के साफ्टवेयर में दिखा रहा है, जिसे दिसम्बर माह के पहले हैदराबाद के वन नेशन वन राशनकार्ड के साफ्टवेयर में अपलोड करना अनिवार्य कर दिया गया है। इस आदेश के चलते राशनदुकानदारों में हड़कंप मच गया है।

पहले नहीं दी सूचना
चौंकाने वाली बात यह है कि संस्था के अध्यक्ष की मौत दो साल पहले हो चुकी है। इसकी जानकारी तत्काल खाद्य विभाग और रजिस्ट्रार फर्म एंड सोसायटी को देने का नियम है। इसके अलावा नए सिरे से चुनाव कराकर नया अध्यक्ष का चुनाव किया जाता है। दुकान चलाने वाले सेल्समैन ने जब सत्यापन की जानकारी मिली तो कार्रवाई से बचने के लिए खुद दुकान छोड़ दी।

सत्यापन में जानकारी मिली है कि दुकान में बड़े पैमाने में चावल कम है। जांच की जा रही है। संचालक की जानकारी जुटाकर वसूली व कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
-तरुण राठौर, नियंत्रक, खाद्य विभाग, रायपुर