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शहर के महंगे निजी स्कूलों में भी पढ़ सकेंगे गरीब बच्चे, मुफ्त शिक्षा के लिए 1 मार्च से खुलेंगे द्वार

पोस्टर और बैनर के जरिए वार्डों में शिक्षा विभाग के अधिकारी आरटीई के नियमों की जानकारी दे रहे हैं और निजी स्कूलों में बच्चों को प्रवेश दिलाने का तरीका पालकों को बता रहे हैं।

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शहर के महंगे निजी स्कूलों में भी पढ़ सकेंगे गरीब बच्चे, मुफ्त शिक्षा के लिए 1 मार्च से खुलेंगे द्वार

शहर के महंगे निजी स्कूलों में भी पढ़ सकेंगे गरीब बच्चे, मुफ्त शिक्षा के लिए 1 मार्च से खुलेंगे द्वार

रायपुर. शिक्षा के अधिकार अधिनियम(आरटीई) के तहत बीपीएल परिवार के बच्चों को बड़े निजी स्कूलों में प्रवेश मिल सके इसलिए स्कूल शिक्षा विभाग राजधानी के वार्डो में जागरूकता अभियान चलाया है। पोस्टर और बैनर के जरिए वार्डों में शिक्षा विभाग के अधिकारी आरटीई के नियमों की जानकारी दे रहे हैं और निजी स्कूलों में बच्चों को प्रवेश दिलाने का तरीका पालकों को बता रहे हैं। आरटीई के तहत ऑनलाइन दाखिले की प्रक्रिया 1 मार्च से शुरू होकर 31 मार्च तक चलेगी।

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इन्हें मिलेगी पात्रता

आरटीई के तहत निजी विद्यालयों में प्रवेश के लिए बीपीएल सूची के अंतर्गत राज्य शासन की अधिसूचना में सम्मिलित श्रेणी में शामिल परिवार के छात्रों को फायदा मिलेगा। राज्य शासन की अन्य योजनाओं में बीपीएल परिवार के लिए जारी प्रमाण पत्रों यथा अंत्योदय कार्ड, सामाजिक-आर्थिक एवं जातिगत जनगणना-2011 की जारी सूची में शामिल परिवारों को भी पात्रता दी है।

16-17 अप्रैल को सीटों का आबंटन

आरटीई के तहत निजी स्कूलों में ऑनलाइन आवेदन 1 मार्च से 30 मार्च तक किया जाएगा। 1 अप्रैल से 15 अप्रैल तक ऑनलाइन आवेदनों का परीक्षण किया जाएगा। 16 अप्रैल से 17 अप्रैल तक ऑनलाइन लॉटरी से सीटों का आबंटन किया जाएगा। पहली लॉटरी में जिन छात्रों का नाम निकलेगा, उन्हें प्रवेश लेने के लिए 20 जून 2020 तक समय दिया जाएगा। 25 जून 2020 को रिक्त सीटों को अनारक्षित किया जाएगा।

75 हजार सीटें प्रदेश में

प्रदेश के लगभग 6 हजार से ज्यादा निजी स्कूलों में 75 हजार सीटे आरटीई अधिनियम के तहत सुरक्षित की गई है। प्रदेश सरकार ने आरटीई के तहत प्रवेश लेने वाले छात्रों को नर्सरी से 12वीं तक शिक्षा मुफ्त कर दी है। दूसरे राज्यों में आरटीई के तहत 8वीं तक ही बच्चों को मुफ्त शिक्षा दी जाती है।

ये प्रमाण पत्र जरूरी

कक्षा नर्सरी, केजी वन, केजी वन, एक में दाखिले के लिए जन्म प्रमाण पत्र और अन्य कक्षाओं के लिए आयु प्रमाण पत्र, एससी/ एसटी / ओबीसी, गरीबी रेखा के नीचे वाले छात्रों के लिए श्रेणी का प्रमाण पत्र, दिव्यांगों के लिए प्रमाण पत्र।

आरटीई अधिनियम के तहत सुरक्षित सीट जिले में शत प्रतिशत भर जाए इसलिए अधीनस्थ अफसरों की मदद से वार्डों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। आरटीई के तहत प्रवेश प्रक्रिया की शर्ते बदली है, इसलिए योजना के तहत प्रवेश ज्यादा होने के आसार लग रहे हैं।
जीआर चंद्राकर, जिला शिक्षा अधिकारी, रायपुर।

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