
Chhattisgarh Rape Case: नाबालिग भांजी से दुष्कर्म करने वाले चचेरे मामा को 10 साल की कैद और 2000 रुपए के अर्थदंड से दंडित किया गया है। अर्थदंड की राशि अदा नहीं करने पर 4 माह सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। साथ ही कोर्ट ने बालिका के पुनर्वास के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को 2 लाख रुपए देने का आदेश दिया है। विशेष लोक अभियोजक मोरिशा नायडू ने बताया कि प्रोफेसर कॉलोनी निवासी आशीष सोनी (30 साल) अपने जीजा की बुआ के घर पर 1 सितंबर 2019 को भोजन करने आया था।
शाम करीब 4 बजे बच्चों को घुमाने के बहाने उसने 5 साल की बालिका से साथ दुष्कर्म किया। साथ ही मारपीट कर घटना की जानकारी किसी को नहीं देने की धमकी दी। घटना के बाद बालिका को देखकर परिजनों को संदेह होने पर पूछताछ की। इस दौरान बालिका के जानकारी देने पर गुढ़ियारी थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने प्रकरण की जांच करने के बाद आरोपी को गिरतार किया। वहीं प्रकरण की जांच करने के बाद 29 नवंबर को कोर्ट में केस डायरी पेश की। जहां सुनवाई के दौरान अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश लवकेश प्रताप सिंह बघेल ने आशीष सोनी को दंडित किया। बता दें कि 4 महीने पहले एक अन्य बालिका से दुष्कर्म करने के आरोप में उसे आजीवन कैद की सजा के बाद जेल भेजा गया है।
Updated on:
13 May 2024 11:40 am
Published on:
13 May 2024 11:40 am
