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बूढ़ा तालाब को संवारने की कवायद शुरू, पानी से जलकुंभियों को निकालने उतारी गई मशीन

बूढ़ातालाब और गार्डन को स्मार्ट सिटी की तर्ज पर डेवलप करने के लिए मुंबई की निजी कंपनी को 30 साल के लिए लीज पर दिया है

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बूढ़ा तालाब को संवारने की कवायद शुरू, पानी से जलकुंभियों को निकालने उतारी गई मशीन

रायपुर. शहर की एेतिहासिक धरोहर बूढ़ातालाब को संवारने का काम शुरू हो चुका है। आज तालाब की गंदगी साफ करने पानी में एक मशीन उतारी गई है जो तालाब में फैले हुए जलकुंभियों को निकाल रही है।

शहर की ऐतिहासिक धरोहर बूढ़ातालाब और बूढ़ागार्डन को संवारने के लिए निगम प्रशासन और पर्यटन मंडल ने 5 साल पहले करोड़ों खर्च कर विकास कार्य कराए थे। इन्हें तोडफ़ोड़ कर नए सिरे से बूढ़ातालाब को डेवलप किया जा रहा है।

बूढ़ातालाब और गार्डन को स्मार्ट सिटी की तर्ज पर डेवलप करने के लिए मुंबई की निजी कंपनी को 30 साल के लिए लीज पर दिया है। निजी कंपनी ने बूढ़ातालाब में सौंदर्यीकरण के लिए पुराने निर्माणों को तोडऩा शुरू कर दिया है। कंपनी द्वारा तोडफ़ोड़ शुरू करने पर सामाजिक और राजनीतिक दल ने विरोध करना शुरू कर दिया है।

मुंबई की कंपनी को जिम्मा
बूढ़ातालाब का नए सिरे से सौंदर्यीकरण के लिए पर्यटन मंडल ने मुंबई की कम्पनी डच प्राइवेट लिमिटेड को 30 साल के लिए लीज पर दिया है। कंपनी तालाब और गार्डन को संवारने के नाम पर मात्र 12 करोड़ रुपए खर्च करेगी।

इसके एवज में तालाब किनारे होटल, रेस्टोरेंट, थियेटर, चैपाटी मीटिंग, हॉल, मार्केट, वाटर स्पोट्र्स की व्यवस्था करेगी । तालाब में 12 करोड़ खर्च करने के बाद कम्पनी लागत राशि वसूली के लिए दानी गल्र्स स्कूल और डिग्री गल्र्स कॉलेज मार्ग में चौपाटी बनाने के लिए फु टपाथ पर सेकंड हैंड वस्तुओं का बाजार का निर्माण करेगी।