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सख्त नियमों के दांव-पेंच में फंसते ग्राम पंचायत चुनाव के उम्मीदवार

त्रिस्तरीय चुनाव के मैदान में आने वाले लोगों के लिए पंचायत की भूमि पर अवैध रूप से कब्जा करने वाले लोग भी पंचायत चुनाव नहीं लड़ सकेंगे।

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सख्त नियमों के दांव-पेंच में फंसते ग्राम पंचायत चुनाव के उम्मीदवार

सख्त नियमों के दांव-पेंच में फंसते ग्राम पंचायत चुनाव के उम्मीदवार

खरोरा. त्रिस्तरीय चुनाव के मैदान में आने वाले लोगों के लिए पंचायत की भूमि पर अवैध रूप से कब्जा करने वाले लोग भी पंचायत चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। निर्वाचन आयोग ने ऐसे लोगों को पंचायती राज संस्थाओं को चुनाव लडऩे पर रोक लगा दी है। ऐसे में पंचायती भूमि पर कब्जा करने वाले लोगों द्वारा गांव का पंच, सरपंच बनने का सपना मात्र सपना ही बनकर रह गया है। अब ये लोग इस दुविधा में है कि पंचायती जमीन छोड़े या चुनाव से हटे।
ग्राम पंचायत चुनाव में इस बार निर्वाचन आयोग के निर्देशनुसार वहीं व्यक्ति चुनाव लड़ सकता है जो न तो पंचायती जमीन पर कब्जाधारी हो और न ही अन्य सरकारी, बैंक सहित अन्य विभागों का डिफाल्टर हो। यदि ऐसे लोगों ने चुनाव में अपना नामांकन दाखिल किया तो वह रद्द कर दिया जाएगा। इस तरह नए आदेश की जानकारी मिलते ही चुनाव लडऩे वाले उम्मीदवारों के बीच उठापठक खलबली मची हुई है। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव लडऩे वालों के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने सख्त नियम बनाए हैं। अवैध कब्जा की शिकायत होने पर अभ्यर्थी का नामांकन निरस्त किया जा सकेगा।
राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव लडऩे वालों के लिए ये दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इस निर्देश के हिसाब से यह मापदंड जिला पंचायत सदस्य जनपद पंचायत सदस्यए सरपंच और पंच पद के लिए चुनाव लडऩे वाले पर लागू होगा। पंचायत चुनाव लडऩे के लिए शासन ने कई मापदंड निर्धारित किए हैं। इसमें पंच और सरपंच प्रत्याशी के घर शौचालय होना अनिवार्य है। साथ ही पंचायत का सभी प्रकार का टैक्स व अवैध निर्माण के मामले नहीं होने चाहिए। जिला पंचायत सदस्य का कलेक्टोरेट में नामांकन भरा जाएगा। जनपद सदस्य के लिए नामांकन ब्लॉक स्तर पर होगा। पंचायत चुनाव में खर्च की सीमा तय नहीं है। पंच, सरपंच, जनपद व जिला पंचायत सदस्य को सिर्फ साक्षर होना जरूरी है। पहले सरपंच के लिए 8वीं और पंच के लिए 5वीं पास होना जरूरी था।
पंचायत चुनाव की प्रक्रिया का एलान होने के बाद से ही राजनीतिक दल सहित चुनाव लडऩे की जुगत लगाए बैठे ग्रामीण नेताओं की सक्रियता बढ़ गई है। ग्राम पंचायतों में सरपंच, जनपद सदस्य सहित जिला पंचायत सदस्य के लिए क्षेत्र में इस बार घमासान की स्थिति निर्मित होने वाली है। मनमाफिक आरक्षण के बाद दिग्गज दलों के ग्रामीण क्षेत्र के नेताओं में चुनाव लडऩे की तैयारी शुरू हो गई है। गांवों में मेलजोल बैठकों के साथ अब प्रत्याशियों को लेकर रणनीति तैयार होने लगी है। सबसे दिलचस्प चुनाव जिला पंचायत क्षेत्रों में होनी है पहली बार की दोनों सीटों में महिला आरक्षण के नए द्वार खोले हैं। इस बार इसमें बड़ा बदलाव आया है। दोनों सीटें पिछड़ा वर्ग महिला आरक्षित से दिग्गजों की आस इन क्षेत्रों में टिक गई है। भाजपा सहित कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी घोषित होने अब जोर आजमाइश की तैयारी है।
एक साथ 4 वोट डलेंगे
इस बार ग्रामीण मतदाता इस चुनाव हर बार की तरह इस बार भी एक साथ एक मतदाता को 4 वोट डालने होंगे। 4 वोट से ग्रामीण मतदाता पंच, सरपंच, जनपद सदस्य व जिला पंचायत सदस्य का निर्वाचन एक साथ करेंगे। चुनाव गैर दलीय आधार पर होगा इसलिए इसमें पार्टी के चुनाव चिन्ह नहीं रहेंगे। पार्टियां अपना समर्थन जरूर जारी करेगी। समर्थित प्रत्याशियों की जिला पंचायत सदस्य व जनपद सदस्य चुनाव के लिए सूची भी जारी हो सकती है।