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CG Atmanand School: उधारी में चल रहे आत्मानंद स्कूल, दुकानदार सामान देने से भी कर रहे इनकार, वित्तीय संकट से जूझ रहा विद्यालय

CG Atmanand School: रायपुर में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय वर्तमान समय में भारी वित्तीय संकट से जूझ रहे हैं। आत्मानंद स्कूलों के पास छोटी-छोटी जरूरतों का समान खरीदने के लिए फंड नहीं हैैं।

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CG Atmanand School: दिनेश कुमार.छत्तीसगढ़ के रायपुर में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय वर्तमान समय में भारी वित्तीय संकट से जूझ रहे हैं। आत्मानंद स्कूलों के पास छोटी-छोटी जरूरतों का समान खरीदने के लिए फंड नहीं हैैं। स्कूलों के प्रबंधन को दुकानदारों सामने चॉक- डस्टर समेत स्कूलों की आवश्यकता वाली बेहद जरूरत की चीजों उधारी के लिए हाथ फैलाना पड़ रहा है।

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CG Atmanand School: वित्तीय संकट...

स्कूलों के प्राचार्यों ने पत्रिका के सामने इस वित्तीय समस्या बताई।प्राचार्यों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि प्रतिवर्ष स्कूलों की चॉक, डस्टर, सफाई का सामान समेत छोटी-छोटी जरूरतों को पूरी करने के लिए 5 लाख रुपए मिलते थे। लेकिन, नई सरकार बनने के बाद बजट दिया ही नहीं जा रहा।

पूरा साल बीतने का आया, तब जाकर नवंबर माह में केवल 79-79 हजार रुपए स्कूलों को मिले, जो पिछली उधारी चुकाने में खत्म हो गया। अब फिर हमें दुकानदारों के सामने जरूरत के सामान खरीदने के लिए हाथ फैलाना पड़ रहा है। दुकानदार भी उधारी सामान देने से अब इंकार करने लगे हैं। करने उल्लेखनीय है कि स्वामी आत्मानंद स्कूलों में बच्चों से भी किसी तरह की फीस नहीं ली जाती है।

कलेक्टर की समिति कर रही संचालित

पिछली सरकार ने वर्ष 2020 में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए प्रदेशभर के 751 सरकारी स्कूलों को ऑटोनोमस (अनुदान प्राप्त) व्यवस्था के तहत स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय में बदल दिया था और उनके संचालन के लिए प्रत्येक जिला के कलेक्टर की अध्यक्षता वाली समिति को जिमेदारी दे दी गई।

स्कूलों के संचालन के लिए सामान्य प्रशासन की ओर से अलग से बजट दिया जाता रहा है। लेकिन, अब नई सरकार आत्मानंद स्कूलों को सरकारी व्यवस्था के अंतर्गत संचालन चाहती है। इसके लिए फाइल भी चल रही है, जो विभागों में घूम रही है। लेकिन, इस मामले में कोई भी फैसला नहीं हो पा रहा। इस कारण आत्मानंद स्कूलों को बजट मिलने की समस्या आ रही है।

आंसरशीट खरीदने का भी बजट नहीं

रायपुर में शुक्रवार को अर्धवार्षिक परीक्षा आत्मानंद स्कूलों समेत सभी सरकारी स्कूलों में शुरू हुई, जिसमें आंसर शीट बच्चों के मंगाई गई। यह संबंध जब आत्मानंद स्कूलों के जानकारी गई, तो पता चला की स्कूल प्रबंधन के पास आंसर शीट खरीदने के लिए फंड ही नहीं है। इसलिए बच्चों से आंसर शीट मंगाई जा रही है। दरअसल अर्धवार्षिक परीक्षा में आंसर शीट उपलब्ध कराने की जिमेदारी स्कूलों की ही होती है। डीईओ ऑफिस से इसके लिए कोई बजट नहीं मिलता है।

जल्द मिलेगा बजट

स्कल शिक्षा विभाग की संचालक के अनुपस्थिति अधिकारियों ने बताया कि स्कूलों को दूसरी किश्त जल्द ही जारी की जाएगी। इसके लिए बजट की मांग की गई। मिलते ही आत्मानंद स्कूलों को बजट जारी कर दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि स्कूल शिक्षा विभाग की संचालक दिव्या उमेश मिश्रा ट्रेनिंग के लिए रायपुर के बाहर हैं।

35 करोड़ मांगे, मिले केवल 7 करोड़

स्कूल शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक ने स्वामी आत्मानंद स्कूलों के लिए 35 करोड़ का बजट सामान्य प्रशासन से मांगा गया था, जिससे जरूरत के अनुसार 5-5 लाख रुपए भी स्कूलों को दिए जा सकें। लेकिन, स्कूल शिक्षा विभाग को मात्र 7 करोड़ मिले, जिसे प्रदेशभर 751 स्कूलों में 79-79 हजार रुपए भेज दिए गए, जो खर्च सामने ऊंट के मुंह में जीरा साबित हुआ।

एक नजर में

कुल आत्मानंद स्कूल 751

इंग्लिश मीडियम 403

हिन्दी मीडियम 348