
CG By Election: रायपुर दक्षिण विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए आचार संहिता लगते ही सियासत गरमाने लगी है। भाजपा-कांग्रेस के टिकट दावेदार एकदम से फिर से सक्रिय हो गए हैं। टिकट के लिए अपने-अपने आकाओं से संपर्क करने के अलावा अपने समर्थकों के माध्यम से भी दबाव बनाना शुरू कर दिए हैं। वहीं, रायपुर दक्षिण विधानसभा में हर बार की तरह इस बार भी वोट काटने वाले उम्मीदवार भी फिर से सक्रिय होने लगे हैं।
बता दें कि पिछले चुनाव में कुल 49 उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतरे थे। इनमें दो भाजपा और कांग्रेस उम्मीदवार शामिल हैं। जबकि बाकी 47 उम्मीदवार ऐसे थे, जो क्षेत्र में कभी सक्रिय नजर नहीं आते थे। एकदम से चुनाव में ही अपने बैनर पोस्टर और पंपलेट में नजर आते हैं। इनमें से अधिकांश की जमानत ही जब्त हो जाती है।
CG By Election: इस उपचुनाव में चुनावी बिसात भी एक अलग ही अंदाज में भाजपा-कांग्रेस द्वारा बिछाई जाएगी। क्योंकि क्षेत्र के कद्दावर भाजपा नेता और सांसद बृजमोहन अग्रवाल अब विधायक का चुनाव लड़ते थे तो एकतरफा ही चुनावी माहौल रहता था। उनके चुनावी प्रबंधन के आगे कांग्रेस के उम्मीदवार करीब-करीब हथियार ही डालते नजर आते थे। चूंकि इस बार भाजपा के नए प्रत्याशी रहेंगे, ऐसे में कांग्रेस के उम्मीवार पूरा जोर-शोर से चुनावी लड़ेंगे।
चुनाव आयोग द्वारा उप चुनाव की तिथि घोषित करने के बाद से ही भाजपा-कांग्रेस से कौन उम्मीदवार होंगे इस पर चर्चा तेज हो गई है। सब अपने-अपने स्तर पर कयास लगा रहे हैं। वहीं, भाजपा-कांग्रेस के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के बीच भी दबी चुनाव से उम्मीदवार को लेकर चर्चा हो रही है कि इस बार पार्टी को नए चेहरे को टिकट देना चाहिए।
जिन नेताओं को पहले मौका मिल चुका है, उन्हें बिल्कुल भी टिकट नहीं देना चाहिए। संगठन के ही किसी ऐसे पदाधिकारी या कार्यकर्ता को टिकट देना चाहिए जो कभी न तो पार्षद चुनाव लड़े और न ही लोकसभा, विधानसभा में टिकट मिला है। ताकि पार्टी के अन्य पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं में उत्साह का संचार हो कि उन्हें भी भविष्य कभी मौका मिल सकता है।
Updated on:
17 Oct 2024 04:00 pm
Published on:
17 Oct 2024 03:59 pm
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