
रायपुर. प्रदेश (Chhattisgarh Coronavirus Update) में कोरोना संक्रमित मरीजों का आंकड़ा अब 1 लाख 10 हजार के पार जा पहुंचा है। मगर, राहत यह है कि 75 हजार मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। बीते हफ्तेभर में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में कमी आई है। रिकवरी रेट बढ़ा है। होम आइसोलेशन के विकल्प का काफी मरीजों ने चुना है।
यही वजह है कि अब अस्पतालों में बेड की पर्याप्त उपलब्धता हो गई है। प्रदेश के कोविड19 हॉस्पिटलों में 13,087 बेड उपलब्ध हैं, जिनमें से 8,308 बेड खाली हैं। रायपुर स्थित एम्स, डॉ. भीमराव आंबेडकर अस्पताल, कोविड19 हॉस्पिटल माना और ईएसआईसी हॉस्पिटल समेत निजी अस्पतालों में 3,565 बेड उपलब्ध है। जबकि 15-17 दिन पहले हाहाकार मचा हुआ था।
सूत्रों की मानें तो निजी अस्पतालों में स्थिति यह थी कि मरीज को भर्ती करने से पहले एडवांस में 70-80 हजार रुपए जमा करवाए जा रहे थे। मरीजों को अस्पताल के गेट से ही लौटाया जा रहा था। सरकार निजी और सरकारी अस्पतालों में बेड की उपलब्धता के लिए ऑनलाइन पोर्टल भी बनाया, ताकि पारर्दशिता बनी रहे। निजी अस्पताल पैक थे। मगर, अभी बेड हैं तो मरीजों को लौटाया नहीं जा रहा। होम आइसोलेशन की सुविधा भी बेड की उपलब्धता में मददगार साबित हो रही है।
कोविड केयर सेंटर में बेड की उपलब्धता
रायपुर में बनाए गए कोविड केयर सेंटरों में 5,671 में से 3,581 बेड खाली पड़े हुए हैं। आयुर्वेद कॉलेज रायपुर 400 में 385 बेड, आयुष विश्वविद्यालय में 430 में 375 बेड, इंडोर स्टेडियम में 260 में 147, एचएनएलयू हॉस्टल में 500 में 500, प्रयास गुढिय़ारी में 410 में 312, प्रयास सड्डू में 300 में 294, लालपुर हॉस्पिटल में 90 में 57, वर्किंग वूमेन हॉस्टल फूंडहर 230 में 153, होटल मैनेजमेंट संस्थान नवा रायपुर 700 में 579 बेड खाली हैं। सरकार धार्मिंक संस्थानों के संपर्क में हैं, जिनके भवनों में भी कोविड केयर सेंटर बनाने की तैयारी जारी है।
ऑक्सीजन युक्त बेड की क्षमता होगी 9 हजार
प्रदेश में आईसीयू, वेंटीलेटर और ऑक्सीजनयुक्त बेड की कमी बनी हुई है। यही वजह है कि प्रदेश सरकार ने भविष्य में गंभीर मरीजों की संख्या बढऩे का अनुमान लगाते हुए तैयारियां शुरू कर दी हैं। 5,313 नए ऑक्सीजन बेड की व्यवस्था की जा रही है। जिनमें 2,777 बेड में ऑक्सीजन सिलेंडर के जरिए ऑक्सीजन दी जाएगी। वर्तमान में 2,686 ऑक्सीजन युक्त बेड हैं। प्रदेश में 377 वेंटिलेटर युक्त बेड भी हैं।
स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता एवं संभागीय संयुक्त संचालक डॉ. सुभाष पांडेय ने कहा, पहले गंभीर मरीजों की संख्या एकाएक बढ़ गई थी। अभी भी है, मगर पहले से कम। होम आइसोलेशन की वजह से भी अभी अस्पतालों में बेड की पर्याप्त उपलब्धता है।
संस्थान- कुल बेड- खाली
एम्स- 500- 100 (50 बेड डॉक्टरों के लिए आरक्षित)
ईएसआईसी अस्पताल- 220- 107
माना कोविड-10 हॉस्पिटल- 150- 118
डॉ. आंबेडकर अस्पताल- 500- 244
एनएच-एमएमआई- 72- 00
ओम हॉस्पिटल- 55- 11
बालको मेडिकल सेंटर- 30- 00
मेडिसाइन हॉस्पिटल- 90- 11
रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल- 83- 00
रिम्स मेडिकल कॉलेज- 180- 74
लाइफ वर्थ हॉस्पिटल- 31- 31
वी केयर हॉस्पिटल- 40- 13
वीआई हॉस्पिटल- 106- 21
श्रीनारायणा हॉस्पिटल- 100- 00
श्रीबालाजी हॉस्पिटल- 95- 30
संकल्प हॉस्पिटल- 60- 11
सुयश हॉस्पिटल- 79- 79
(नोट- 12 सितंबर को 'पत्रिका' ने बेड की उपलब्धता से जुड़ी खबर प्रकाशित की थी। तब बेड कहीं उपलब्ध नहीं थे।)
Published on:
30 Sept 2020 05:08 pm
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