
कागज़ों में खरीदी शुरू, मैदान में शून्य! दीपक बैज ने कहा- धान खरीदी केंद्रों से मायूस होकर लौट रहे किसान...(photo-patrika)
CG Dhan Kharidi: रायपुर में धान खरीदी 15 नवंबर से शुरू हो चुकी है। धान खरीदी शुरू होते ही पड़ोसी राज्यों से बिक्री के लिए अवैध रूप से धान भी आने लगे हैं। इसकी धरपकड़ लगातार जारी है। इसे रोकने के लिए जिला प्रशासन पूरी सख्ती के साथ कार्रवाई कर रहा है।
वहीं, प्रशासन स्तर पर भी पूरी मुस्तैदी के लिए पड़ोसी राज्यों की सीमा पर जगह-जगह चौकी भी लगाई गई है। ताकि अवैध धान बिक्री के लिए सोसायटियों तक न पहुंच सकें। प्रदेश में फर्जी धान बिक्री पर लगाम लगाने शासन द्वारा कलेक्टर को फरमान जारी किया जा रहा है। खाद्य विभाग की सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले और मार्कफेड की एमडी किरण कौशल द्वारा धान खरीदी पर लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार बिचौलियों और अधिकारियों की मिलीभगत से हर साल 30 से 35 लाख मीट्रिक टन धान की फर्जी खरीदी की जाती है। ये सब पड़ोसी राज्यों से आने वाले धान है। इससे सरकारी खजाने पर भार पड़ता है। बता दें कि पिछले 20 साल में प्रदेश धान खरीदी नौ गुना वृद्धि हुई है। वर्ष 2002-2003 में मात्र 18 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई थी। इसके बाद से लगातार संख्या में वृद्धि होती गई है। जबकि प्रदेश में खेती का रकबा कम ही हुआ है।
बताया जाता है कि यदि प्रदेश के करीब 27 लाख किसानों से वास्तविक रूप से धान की खरीदी हो तो 110 से 120 लाख टन धान की खरीदी होगी। इसलिए इस बार शासन ने फर्जी धान खरीदी पर अंकुश लगाने के लिए अधिकारियों से लेकर जमीनी स्तर के कर्मचारियों को लगातार दिशा- निर्देश दिए जा रहे है। साथ ही आला अधिकारी भी सोसायटियों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
प्रदेश में 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू होने के बाद अवैध परिवहन भी शुरू हो गई है। अधिकारियों और कर्मचारियों की चौकसी के चलते अब तक दो जिलों में अवैध परिवहन को पकड़ा गया है। बलरामपुर जिले में प्रशासन ने फिल्मी अंदाज में अवैध धान से भरी दो पिकअप गाड़ियों को पकड़ा। इसी तरह सुकमा में भी अवैध परिवहन करते ट्रक पकड़ा गया।
Updated on:
18 Nov 2025 09:39 am
Published on:
18 Nov 2025 09:38 am
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