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Fraud: जिला सहकारी बैंकों की शाखाओं में 5898.99 लाख की गड़बड़ी! किसानों को हुआ सबसे ज्यादा नुकसान!

CG Fraud: जिला सहकारी बैंकों की शाखाओं में गड़बड़ियों के लगभग 31 मामले सामने आए हैं। वहीं इन मामलों में 5898.99 लाख की गड़बड़ी आई सामने आए..

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CG Fraud

जिला सहकारी बैंकों की शाखाओं में 5898.99 लाख की गड़बड़ी ( Photo - Patrika )

CG Fraud: राहुल जैन. छत्तीसगढ़ के जिला सहकारी बैंकों की शाखाएं घोटालों और गबन का गढ़ बनती जा रही हैं। जनवरी 2024 से 31 जनवरी 2026 की अवधि में गड़बड़ियों के लगभग 31 मामले सामने आए हैं। इनकी कुल रकम चौंकाने वाली है। गबन, घोटाले और गड़बड़ियों के जरिए 5898.99 लाख रुपए की हेरीफेरी होने का अनुमान है। कुछ मामलों में वसूली की कार्रवाई की गई है, लेकिन उसकी रकम ऊंट के मुंह में जीरा वाली कहावत को चरितार्थ करती है।

CG Fraud: अधिकारी-कर्मचारियों से करीब 242 लाख रुपए की वसूली

विभागीय अधिकारी-कर्मचारियों से करीब 242 लाख रुपए की वसूली की गई है। सहकारी बैंकों में हुए घोटालों से सबसे ज्यादा नुकसान किसानों को उठाना पड़ा है। सहकारी बैंक में लगातार सामने आ रही वित्तीय अनियमितताओं ने बैंकिंग व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विभिन्न जांच और शिकायतों में यह सामने आया है कि कई जगहों पर कर्मचारियों और प्रबंधन की मिलीभगत से ग्राहकों और किसानों के खातों में गड़बड़ी कर लाखों रुपए का गबन किया गया।

सेवा से पृथक किया, पुलिस में एफआईआर भी

गड़बड़ी सामने आने के बाद बैँक द्वारा कार्रवाई भी की गई है, लेकिन बहुत से मामलों में जांच अभी भी पूरी नहीं हुई है। ऐसे करीब 26 मामले हैं, जिनमें जांच प्रक्रियाधीन है। एक-दो मामले ऐसे भी हैं, जिनका फैसला स्टॉफ कमेटी की बैठक में लिया जाना है। इस मामले में 13 लोगों को सेवा से पृथक किया गया है। 8 लोगों को निलंबित किया गया है।

तीन मामले में झूठी शिकायत भी

सहकारी बैंक के पास तीन मामले ऐसे भी सामने आए हैं, जो जांच के बाद आरोप साबित नहीं हुए हैं। इसमें कमीशनखोरी करने, समिति कर्मचारियों से धान खरीदी में पैसे की मांग, बैंक खर्च का बिल बढ़ा-चढ़ाकर बनाना और भ्रष्टाचार करने जैसी शिकायतें शामिल थीं। वहीं, मृत व्यक्ति के नाम पर पैसे निकालने की शिकायत भी झूठी पाई गई हैं।

फैक्ट फाइल

शाखा- रकम
कुसमी/शंकरगढ़-2647

बरमकेला- 1813.30
सीओडी शाखा- 419.30

राजपुर- 306.98
नवागढ़- 197.98

(नोट- राशि लाख में)

इस तरह से की गड़बड़ी

  • ग्राहक के बचत खाते से फर्जी आहरण व एटीम की राशि में कमी
  • फर्जी चेक जारी कर एटीएम से राशि निकालना।
  • तालपपत्री-सुतली खरीदी में घोटाला।
  • नकद सिलक में कमी।
  • किसानों कर्ज की वसूली कर उसे खाते में जमा नहीं करना।
  • मृत व्यक्ति के नाम से पैसे निकाल लेना।
  • समितियों के केसीसी खाते से फर्जी राशि आहरण।
  • किसानों के जमीन के कागजात लगाकर केसीसी ऋण प्रकरण बनाकर राशि गबन करना।

अपेक्स बैंक, अध्यक्ष केदार नाथ गुप्ता ने बताया कि ये घोटाले पुराने समय से होते आ रहे हैं। इन्हें रोकने के लिए बैंक के सॉफ्टवेयर को अपडेट किया गया है। यह मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार है। इसमें किसी घोटालेबाजाें को बख्शा नहीं जाएगा। सभी दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। कुसमी/शंकरगढ़ में हुए घोटाले की जांच ईओडब्ल्यू से कराने का फैसला लिया गया है। अंबिकापुर में हुए घोटाले की भी उच्च स्तरीय जांच कराई जाएगी।