
अफसर पर बिफरे मंत्री मूणत, पूछा - कॉम्पलेक्स न तोडऩे का कितना लिया पैसा
रायपुर. पश्चिम विधानसभा के विधायक और मंत्री राजेश मूणत शनिवार को जोन आठ के जोन कमिश्नर विनय मिश्रा, कार्यपालन अभियंता संजय शर्मा सहित अन्य अधिकारियों पर जमकर बिफरे। मंत्री ने जोन कमिश्नर मिश्रा को यहां तक कहा कि क्यों भाई, रेसिडेंसियल इलाके में कमर्शियल कॉम्प्लेक्स कैसे बना,वो भी नॉर्मस के खिलाफ , कितना पैसा लिए, मंत्री के इस कड़े तेवर को देख जोन कमिश्नर सहम गए, तो मंत्री मूणत के साथ मौजूद दूसरे अफ सर भी सकते में आ गए।
बताया जाता है कि मंत्री राजेश मूणत शनिवार को सुबह रामनगर-कोटा के रोड निर्माण की साइट का निरीक्षण करने पहुंचे थे। जहां रामनगर-कोटा में सड़क का निर्माण कार्य चल रहा है, ये एरिया रेजिडेंसियल है,जहां फोरलेन का निर्माण चल रहा है। मंत्री को निरीक्षण के दौरान अतिक्रमण को लेकर कुछ कार्रवाईयां दिखी, लेकिन कार्रवाई में भेदभाव बरता गया था। बड़े कमर्शियल कॉम्प्लेक्स पर कार्रवाईयां नहीं हुई थी, लेकिन कुछ छोटे मकान जरूर तोड़ दिए गए थे।
इस कार्रवाई को देखकर मंत्री ने जोन कमिश्नर मिश्रा पर बिफरते हुए कहा कि क्यों भाई ये कैसी कार्रवाई हुई है, जब ये ये पूरा इलाका रेजिडेंसियल है तो फिर कमर्शियल कॉम्प्लेक्स यहां कैसे बन गए। और जब छोटे घरों पर कार्रवाई हुई है तो फि र इन बड़े कॉम्प्लेक्स पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई है, कितना पैसा लिए हो इन सब से।
मंत्री के तेवर को देख जोन कमिश्नर मिश्रा सहम गए, हालांकि वो इनकार करते रहे कि कोई पैसा नहीं लिया गया। लेकिन मंत्री मूणत उस पर बरसते रहे। फि र मौके से ही उन्होंने नगर निगम कमिश्नर रजत बंसल को फोन किया। उन्हें भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए शाम तक कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने निगम कमिश्नर को यह भी कहा कि यदि शाम तक कार्रवाई नहीं हुई, तो वे दोबारा फोन भी नहीं करेंगे। सीधे कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी।
महापौर और एमआईसी सदस्य भड़के मंत्री पर
इधर, शनिवार को निगम में एमआईसी की मीटिंग में जब महापौर और अन्य एमआईएसी सदस्यों को मंत्री राजेश मूणत द्वारा जोन आठ के जोन कमिश्नर विनय मिश्रा सहित अन्य अधिकारियों से गाली-गालौज कर बात करने की जानकारी मिली तो वे लोग भड़क गए। महापौर ने कहा कि ठीक है प्रदेश के मंत्री है इसका मतलब ये तो नहीं कि किसी भी अधिकारी-कर्मचारी से गाली-गलौच से बात करेंगे।
निरीक्षण के दौरान किसी प्रकार की खामियां मिलती है, तो शालीनता के साथ अधिकारियों से बात कर कार्रवाई के निर्देश देना चाहिए। एमआईसी सदस्य श्रीकुमार मेनन, समीर अख्तर, सतनाम पनाग, एजाज ढेबर ने भी कहा कि निगम के अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ गाली-गालौज से बात करना मंत्री मूणत को शोभा नहीं देता है। हमारे निगम के अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ यदि कोई गाली-गलौज से बात करते हैं, तो इसका विरोध किया जाएगा।
Updated on:
26 Aug 2017 10:39 pm
Published on:
26 Aug 2017 10:28 pm
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