
CG News: प्रदेश के तीन निजी मेडिकल कॉलेजों में एमडी की 48 सीटें खाली हैं। 20 मार्च तक हुए एडमिशन में एनाटॉमी, फिजियोलॉजी, बायो केमेस्ट्री व फॉर्माकोलॉजी की सीटें नहीं भर पाई हैं। इसके लिए चिकित्सा शिक्षा विभाग ने एनएमसी को खाली सीटों की जानकारी भेज दी है और खाली सीटों को भरने की अनुमति मांगी है।
दूसरी ओर, एनएमसी ने बिहार में खाली सीटों को भरने के लिए स्पेशल स्ट्रे वेकेंसी राउंड करने की की अनुमति दे दी है। वहां 1 से 3 अप्रैल तक प्रवेश होगा। अच्छी बात ये रही कि 13 सालों के ट्रेंड के उलट इस बार सरकारी मेडिकल कॉलेजों में नॉन क्लीनिकल विभागों की खाली रहने वाली आधी सीटें भी पूरी तरह भर गई हैं। निजी कॉलेजों में छात्रों ने च्वॉइस फिलिंग नहीं की। इसलिए ये सीटें खाली रह गईं।
CG News: अगर छात्र च्वॉइस फिलिंग करते तो प्रवेश लेना अनिवार्य हो जाता। दरअसल, एनएमसी ने सत्र 2024-25 में सीट आवंटन के बाद प्रवेश लेना अनिवार्य कर दिया है। ऐसा नहीं करने पर छात्र इस साल होने वाली नीट पीजी के लिए अपात्र हो जाता। इससे वे पीजी नहीं कर पाते। मेडिकल एक्सपर्ट डॉ. योगेंद्र मल्होत्रा व हिमेटोलॉजिस्ट डॉ. विकास गोयल के अनुसार, इस बार नियमों के फेर में सरकारी कॉलेजों में नॉन क्लीनिकल की सीटें पूरी तरह पैक हो गई हैं।
जबकि निजी में ऐसा नहीं हुआ। अगर तिथि बढ़ाई जाती है तो कम से कम खाली 48 में आधी से ज्यादा सीटें तो भर ही सकती हैं। इससे इंतजार कर रहे छात्रों को फायदा होगा। इस बार पीजी में प्रवेश के लिए कटऑफ भी 5 परसेंटाइल कर दिया गया है।
Updated on:
02 Apr 2025 10:32 am
Published on:
02 Apr 2025 10:32 am
