
CG News: प्रदेश के 2740 धान उपार्जन केंद्र में अब भी 4893501.04 मीट्रिक टन धान खुले में मौसम की मार खाता हुआ पड़ा है।
इसका मुख्य कारण मिलर्स द्वारा धान की धीमी तरीके से उठाव करना है। इसके कारण अब सूखद का भी संकट आने लगा है। जिससे धान के कट्टे का वजन कम हो रहा है। यदि इसी तरह धीमी गति से धान का उठाव चलते रहा तो अधिक गर्मी में उपार्जन केंद्रों में सूखद का बड़ा संकट आ जाएगा।
दरअसल छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक सरकार ने धान खरीदी की घोषणा की थीं। इस तिथि तक भी लाखों किसान अपना धान नहीं बेच पाए ते, इसके कारण सरकार की ओर से फिर दो दिन धान की खरीदी बढ़ाई गई। जिसमें कुल 14104365.58 मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई। वहीं सोमवार को बेमौसम बारिश की मार का भी असर धान में देखने को मिला।
खाद्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार अबतक कुल धान खरीदी का मिलर्स द्वारा 7839599 मीट्रिक टन का उठाव किया गया है। वहीं उपार्जन केंद्र से संग्रहण केंद्र को 1371264.80 प्रदाय किया गया है। यह सभी आंकड़ा 23 फरवरी 2026 के अनुसार है।
Published on:
23 Feb 2026 11:11 pm
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