
माता-पिता को मारकर गार्डन में दफनाने वाले उदयन को उम्रकैद
CG News: माता-पिता की हत्या कर उसे अपने ही घर के आंगन में दफनाने के बाद उसके ऊपर फूल के पौधे लगाने वाले सीरियल किलर उदयन दास को आजीवन कारावास से दंडित किया गया है। विशेष न्यायाधीश एट्रोसिटीज हिरेन्द्र सिंह टेकाम 13 वर्ष पुराने हत्याकांड की सुनवाई की। घटना की जानकारी मिलने के बाद 17 फरवरी 2017 को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
इस समय न्यायिक रिमांड पर उसे रायपुर सेंट्रल जेल में रखा गया है। वहीं पुलिस ने घटना की जांच करने के बाद कोर्ट में केस डायरी पेश की। इस दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 38 गवाहों के बयान कराए गए। इसमें डॉक्टर, एफएसएल, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, केस डायरी और पेश किए साक्ष्य शामिल थे। इन सभी पक्षों की रिपोर्ट और गवाहों के बयान के आधार पर कोर्ट द्वारा फैसला सुनाया गया है।
सैप्टिक टैंक के लिए खुदवाया था गार्डन में गड्ढा
विशेष लोक अभियोजक निलेश ठाकुर ने बताया कि उदयन दास(37) वर्ष साकेत नगर भोपाल निवासी ने वर्ष 2010 में रायपुर के सुंदरनगर स्थित घर में अपने पिता बीके दास (70)मां इंद्राणी दास (65) की पैसों के लालच में हत्या की। साथ ही सैप्टिक टैंक बनाने के नाम पर घर के आंगन में गड्ढा खुदवाया। वहां दोनों की लाश को गाड़ दिया था। वहीं बड़े ही शातिराना तरीके से उसके उपर गार्डन बना दिया। इसके बाद मकान को बेचकर भोपाल चला गया। अचानक लापता माता-पिता के गायब होने के बाद उदयन की बहन ने काफी तलाश करने के बाद 5 फरवरी 2017 को डीडीनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने विवेचना करने के बाद आरोपी उदयन को गिरफ्तार करने के बाद उसकी निशानदेही पर गड्ढा खोदवाकर घर के आंगन से बीके दास तथा इंद्राणी की कंकाल को निकालवाया।
पश्चिम बंगाल पुलिस से मिली थी सूचना :
उदयन दास द्वारा अपने माता-पिता की हत्या करने की जानकारी रायपुर के डीडी नगर पुलिस को पश्चिम बंगाल के बांकुरा पुलिस के माध्यम से 5 फरवरी 2017 को मिली थी। घटना की जानकारी मिलने पर बांकुरा पुलिस एक युवती की तलाश में उदयन दास से भोपाल में पूछताछ करने के लिए गई थी। तब उसने पूछताछ में बताया था की जिस युवती की तलाश में वह कर रही है। मैंने उसकी हत्या कर भोपाल में गाड़ दिया है। पूछताछ में उदयन ने अपने मां-बाप की हत्या करने का अपराध भी कबूल किया था।
हत्या का अपराध कबूल नहीं किया
कोर्ट में सुनवाई के दौरान उदयन अपने माता-पिता की हत्या करने से इनकार करते हुए झूठे प्रकरण में फंसाए जाने का आरोप पुलिस और अन्य लोगों पर लगाते रहा। इस दौरान साक्ष्य पेश करने और तमाम रिपोर्ट दिखाए जाने पर उसका कोई जबाव तक नहीं दिया। वहीं बचाव पक्ष के अधिवक्ता द्वारा भी कोई ठोस दलील पेश नहीं की गई।
मामला खुलने के एक साल बाद सुनवाई
हत्याकांड का खुलासा होने के एक साल बाद मामले की कोर्ट में सुनवाई शुरू हुई। मामले की पड़ताल करने में पुलिस को तीन माह का समय लग गया। इसके बाद पुलिस ने 12 जनवरी 2018 को चालान पेश किया। साथ ही तमाम साक्ष्य और डीएनए रिपोर्ट भी पेश की गई।
पड़ोसियों को किया गुमराह
सुनवाई के दौरान उदयन के पड़ोसी ने गवाही देते हुए कोर्ट को बताया कि एक वैवाहिक कार्यक्रम में उसके माता-पिता आए थे। उनके अचानक गायब होने पर उदयन ने बताया कि उसके पिता को हार्ट की बीमारी है। वह अपना उपचार कराने मां के साथ बाहर गए हुए हैं। वहीं कंकाल का पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर ने कोर्ट में गवाही देते हुए बताया कि उसके माता-पिता की मौत दम घुटने की वजह से हुई है। लेकिन वह यह नहीं बता पाए कि गला दबाकर या किसी अन्य तरीके से उनकी मौत हुई है। चूंकि कंकाल के सिर पर पन्नी बंधी थी।
Published on:
31 Jan 2023 11:39 am
बड़ी खबरें
View Allरायपुर
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
