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गांव की मिट्टी से निकला हमारा फाइटर पायलट गौरव पटेल, सूर्यकिरण एरोबेटिक शो में बिखेरेंगे शौर्य…

CG News: महासमुंद जिले के पिथौरा तहसील का अर्जुनी गांव खास है। इसलिए कि इस गांव की मिट्टी ने देश को जांबाज फाइटर पायलट दिया है।
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रायपुर

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Shradha Jaiswal

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Ajay Raghuvanshi

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Updated: 3 Nov 2025, 2:56 PM IST

CG News: रायपुर के किसान पुत्र गौरव ने भरी उड़ान, सूर्यकिरण एरोबेटिक शो में पेश करेंगे शौर्य प्रदर्शन...(photo-patrika)

CG News: रायपुर के किसान पुत्र गौरव ने भरी उड़ान, सूर्यकिरण एरोबेटिक शो में पेश करेंगे शौर्य प्रदर्शन...(photo-patrika)

CG News: अजय रघुवंशी. छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के पिथौरा तहसील का अर्जुनी गांव खास है। इसलिए कि इस गांव की मिट्टी ने देश को जांबाज फाइटर पायलट दिया है। भारतीय वायुसेना के पायलट 32 वर्षीय गौरव पटेल छत्तीसगढ़ के 25 वर्ष साल पूरे होने के मौके पर रजत जयंती पर नवा रायपुर के आसमान में सूर्यकिरण टीम के साथ अपने शौर्य का प्रदर्शन करेंगे।

गांव के प्राइमरी स्कूल से लेकर एनडीए की परीक्षा और फिर भारतीय वायुसेना का हिस्सा बनने तक उनका पूरा सफर रोचक रहा है। पत्रिका से बातचीत में गौरव ने बताया कि सबसे बड़ा सपना एयरफोर्स में शामिल होना था। इसके बाद अपनी धरती पर सूर्यकिरण टीम के साथ फाइटर जेट के साथ उड़ान भरना सपनों को हकीकत में बदलने जैसा है।

CG News: नि:शुल्क रहेगा शो, 4 नवंबर को प्रैक्टिस, 5 को प्रदर्शन

सूर्यकिरण एरोबेटिक शो पूरी तरह नि:शुल्क रहेगा। तीन नवंबर को सूर्यकिरण की टीम रायपुर पहुंचेगी, वहीं 4 नवंबर को आधे घंटे की प्रैक्टिस होगी। इस दिन भी आम लोग पहुंच सकते हैं, वहीं 5 नवंबर को मुय प्रदर्शन होगा। प्रैक्टिस और मुख्य शो नवा रायपुर स्थित सेंध जलाशय के ऊपर होगा।

अब तक 700 से ज्यादा प्रदर्शन

सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम विदेशों में भी शौर्य दिखा चुकी है। अब तक 700 से ज्यादा प्रदर्शन हो चुका है। वर्ष 2025 में टीम ने थाईलैंड में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए 88वीं वर्षगांठ समारोह में शो प्रस्तुत किया था। संयुक्त अरब अमीरात, श्रीलंका, यूके सहित अन्य देशों के प्रदर्शन में गौरव पटेल भी टीम का हिस्सा रहे हैं।

टीम का उद्देश्य: राष्ट्रप्रेम की भावना, जज्बा

टीम का उद्देश्य राष्ट्रप्रेम की भावना प्रदर्शित करने के साथ ही युवाओं को भारतीय सशस्त्र बलों व सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित करना है। साथ ही वैश्विक मंचों पर भारत की वायुसेना की क्षमता को प्रदर्शित करना है। इस एयर शो से स्वयं के साथ समूह का अनुशासन, एकता और विश्वास का समावेश भी लोगों को देखने को मिलेगा।

पिता किसान, दादा की प्रेरणा ने बदल दी किस्मत

गौरव ने बताया कि उनके पिता कमल किशोर पटेल किसान हैं। मां गृहिणी हैं। 90 वर्षीय श्याम कुमार पटेल सेवानिवृत्त शिक्षक हैं। स्कूल में वे एनसीसी के इंस्ट्रक्चर रहे। यही से सेना में जाने की प्रेरणा मिली। कक्षा पांचवीं में दादा की प्रेरणा से सैनिक स्कूल के लिए परीक्षा दी। इसके बाद अविभाजित मध्यप्रदेश के रीवा स्थित सैनिक स्कूल में एडमिशन मिला।

सैनिक स्कूल में पढ़ाई के बाद वर्ष 2009-10 में नेशनल डिफेंस एकेडमी (एनडीए) की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद पुणे में ट्रेनिंग हुई। एनडीए के बाद मेरिट आधार पर वर्ष 2013 में हैदराबाद स्थित एयरफोर्स एकेडमी में प्रवेश मिला। बीते 11 वर्ष से वे बतौर फाइटर पायलट एयरफोर्स में शामिल हैं। गौरव पटेल की उपलब्धि पर परिवार के लोगों ने बताया कि बेटा देश की सेवा में है। इससे बड़ी खुशी और नहीं हो सकती। वे पिता के इकलौते बेटे हैं। उनकी एक बहन पढ़ाई कर रही है।