
CG News: उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व में ढाई साल बाद बाघ फिर लौट आया है। कुल्हाड़ीघाट रेंज में वन विभाग को 2 अलग नाप के 8-10 पदचिन्ह मिले हैं। पहला 17-18 सेमी, तो दूसरा 11-12 सेमी का है। दूसरे पद चिन्ह ज्यादा साफ नहीं है, लेकिन नजदीक गांव में ही 2 भैसों का शिकार भी हुआ है।
बाघ ने पहली भैसें पर हमला किया, तो दूसरी भैंस के पास भागने का मौका था। दोनों का साथ शिकार होने से इस बात की संभावना बढ़ गई है कि रिजर्व में एकसाथ 2 टाइगर घूम रहे हैं। अफसर रिजर्व में टाइगर लौटने की बात तो कह रहे हैं, लेकिन तस्वीरें मिले बिना 2 बाघों की मौजूदगी की पुष्टि नहीं कर रहे। इसके लिए जंगलों में 250 से ज्यादा ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं।
बता दें कि उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व में आखिरी बार अक्टूबर 2022 में टाइगर देखा गया था। जनवरी 2023 में ओडिशा के डेबरीगढ़ वाइल्ड लाइफ सेंचुरी देखा गया। वहां से गोमर्डा अभयारण्य गया। यहां करंट लगने से उसकी मौत हो गई थी। इसके अलावा 2019 तक उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व में एक बाघिन के होने के प्रमाण भी मिले हैं। ऐसे में इस बात की प्रबल संभावना है कि वही बाघिन अपने शावक के साथ रिजर्व लौटी होगी।
CG News: बहरहाल वन विभाग ने टाइगर/टाइग्रेस की तलाश में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। जंगलों में ड्रोन कैमरे उड़ाए जा रहे हैं। चूंकि इलाके में अभी तेंदू पत्तों की बहार है और बहुत ज्यादा संभावना है कि 2-3 दिनों में ग्रामीण तेंदूपत्ते तोड़ने के लिए जंगलों की ओर निकलेंगे। ऐसे में गांवों में मुनादी के जरिए अपील की जा रही है कि जंगल अकेले न जाएं। 5 से 10 की टोली बनाकर तेंदूपत्ता तोड़ने जाएं।
वरूण जैन, डिप्टी डायरेक्टर उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व: टाइगर रिजर्व में ढाई साल बाद टाइगर का लौटना हमारे लिए खुशी की बात है। ग्रामीणों और टाइगर करी सुरक्षा को लेकर पूरा अमला सजग है। पूरी एंटी पोचिंग टीम हाई अलर्ट पर है। ओडिशा बॉर्डर के साथ सामान्य वन मंडल की सीमाओं में भी गश्त तेज कर दी है।
Updated on:
25 Apr 2025 11:27 am
Published on:
25 Apr 2025 11:27 am
