22 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

CG News: ऐसा कोई नोट नहीं छपा जो हमारी परंपरा और विरासत को खरीदे… सबकुछ बेचने से भड़का गांव, सामूहिक दाह की चेतावनी

CG News: पचरी, छड़ियां, मंधईपुर और आलेसुर गांव में लाइमस्टोन माइनिंग प्रोजेक्ट का भारी विरोध हो रहा है। लोगों का कहना है कि इस प्रोजेक्ट में उनकी चारागाहें, तालाब और यहां तक श्मशान भी शामिल है।

2 min read
Google source verification
CG News: ऐसा कोई नोट नहीं छपा जो हमारी परंपरा और विरासत को खरीदे… सबकुछ बेचने से भड़का गांव, सामूहिक दाह की चेतावनी

CG News: पचरी, छड़ियां, मंधईपुर और आलेसुर गांव में लाइमस्टोन माइनिंग प्रोजेक्ट का भारी विरोध हो रहा है। लोगों का कहना है कि इस प्रोजेक्ट में उनकी चारागाहें, तालाब और यहां तक श्मशान भी शामिल है। सरकार इसे नहीं बेच सकती। गांववालों का कहना है कि पहले भी जनसुनवाई में विरोध दर्ज करवा चुके हैं। इसके बावजूद प्लांट को जमीन देने के लिए एक बार फिर जनसुनवाई बुलाई जा रही है। ऐसे में सैकड़ों ग्रामीणों ने जनसुनवाई वाले दिन सामूहिक दाह की चेतावनी दी है।

ग्रामीणों का कहना है कि परियोजना शुरू हुई, तो उनका जीवन पूरी तरह से प्रभावित हो जाएगा। प्रस्तावित खदान मंधईपुर में है। इससे न केवल वातावरण में प्रदूषण बढ़ेगा, बल्कि पेयजल संकट, भूजल स्तर में गिरावट और जल की गुणवत्ता में कमी जैसे गंभीर समस्याएं सामने आएंगी। पेड़-पौधों की अंधाधुंध कटाई से जैव विविधता को नुकसान होगा। पारिस्थितिकी संतुलन बिगड़ेगा।

पचरी पंचायत में सौंपे गए प्रोजेक्ट दस्तावेजों के अनुसार, खदान के लिए जिस जमीन का चयन किया गया है उसमें तालाब, मुक्तिधाम, गोठान और चारागाह भी शामिल है। ये सभी स्थान ग्रामीणों के सामाजिक, धार्मिक और कृषि जीवन के केंद्र हैं। पचरी के तालाब से सैकड़ों किसानों की निस्तारी होती है। यह नलवा प्रोजेक्ट के कब्जे में आ जाएगा।

यह भी पढ़े: CG Naxal News: नक्सली जहां बिना डरे महीनेभर की करते थे मीटिंग, वहीं हो रहा सफाया… सेफ जोन में भी कम पड़ रही छिपने की जगह

चंद पैसों के लिए गांव नहीं बेचूंगा: सरपंच

पचरी के सरपंच और तिल्दा जनपद सरपंच संघ अध्यक्ष सरपंच अभिषेक वर्मा ने कहा कि हमने दस सालों की मेहनत से गांव में पानी की व्यवस्था को मजबूत किया है। नलवा प्रोजेक्ट आया, तो जलस्तर फिर गिर जाएगा। गांवों में भी खरोरा जैसी जलसंकट की स्थिति बन जाएगी। मुक्तिधाम और तालाब हमारी पहचान हैं। चंद पैसों के लिए मैं गांव का सौदा नहीं करूंगा।

ऐसा कोई नोट नहीं छपा जो गांववालों की परंपरा और विरासत को खरीद सके। उन्होंने कहा कि हम पूरी ताकत से प्लांट खुलने का विरोध करेंगे। इधर, गांव के लोगों में भी प्रदूषण, स्वास्थ्य जोखिम और प्राकृतिक संसाधनों की बर्बादी को लेकर गहरी चिंता है।

पिछली जनसुनवाई भारी विरोध के चलते ही स्थगित की गई थी

नलवा सीमेंट लिमिटेड की जनसुनवाई पहले 29 नवंबर 2024 को रखी गई थी। पचरी सरपंच अभिषेक वर्मा के नेतृत्व में जोरदार विरोध के चलते इसे स्थगित करना पड़ा। अब कंपनी फिर से जनसुनवाई की तैयारी कर रही है। ऐसे में ग्रामीणों में गुस्सा बढ़ गया है। भविष्य को लेकर भय भी बढ़ा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि जनसुनवाई के दिन सामूहिक आत्मदाह भी किया जा सकता है।