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मतदान केंद्र से स्ट्रांग रूम तक आते-आते घट-बढ़ गए वोट, कांग्रेस ने चुनाव आयोग से की शिकायत

छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के दो सप्ताह बाद भी धांधली की शिकायतें सामने आ रही हैं। ताजा मामला नारायणपुर विधानसभा क्षेत्र का है।

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CG Election 2018

अगर इव्हीएम में थोड़ी सी भी गड़बड़ी की शिकायत पाई गई तो रोक दिया जाएगा मतदान ...

रायपुर. छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के दो सप्ताह बाद भी धांधली की शिकायतें सामने आ रही हैं। ताजा मामला नारायणपुर विधानसभा क्षेत्र का है। सामने आया है कि यहां मतदान केंद्र से जिला मुख्यालय स्थित स्ट्रांग रूम पहुंचने तक वोटों की संख्या घट-बढ़ गई है। कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से इसकी शिकायत की।

शिकायत लेकर पहुंची रायपुर की पूर्व महापौर किरणमयी नायक ने कहा कि 12 नवम्बर को हुए मतदान के बाद मतदान केंद्र के पीठासीन अधिकारियों और जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से जारी मतों की संख्या में 999 मत कम हैं। मतों की संख्या में यह अंतर 11 मतदान केंद्रों पर आया है। कांग्रेस नेताओं ने नारायणपुर में ही 5 हजार से अधिक मतों में गड़बड़ी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इतने वोट हार-जीत में बड़ी भूमिका अदा कर सकते हैं। उन्होंने अफसरों पर सत्ता पक्ष के दबाव में गड़बड़ी करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इन मतदान केंद्रों पर फिर से मतदान कराया जाना चाहिए।

डाक मतपत्रों पर सामने मुहर लगवाने की भी शिकायत
कांग्रेस ने दुर्ग आइजी जी.पी. सिंह, दुर्ग कलक्टर उमेश कुमार अग्रवाल और बिलासपुर कलक्टर पी. दयानंद पर डाक मतपत्रों में धांधली का आरोप लगाया है। कांग्रेस नेताओं ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को सौंपे पत्र में कहा है कि तीनों अधिकारी मातहतों को बुलाकर अपने सामने मतपत्र पर मुहर लगवा रहे हैं। कांग्रेस नेताओं ने इसे चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश बताकर जांच की मांग की है। हालांकि आइजी जी.पी. सिंह ने शिकायत को झूठा और मनगढ़ंत बताया है।

रातभर में 10 प्रतिशत बढ़े थे आंकड़े
पहले चरण के मतदान में बस्तर और राजनांदगांव की 18 सीटों पर मतदान के आंकड़े रातभर में बदल गए थे। 12 नवम्बर की रात मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने 66 प्रतिशत मतदान का आंकड़ा जारी किया। 13 नवम्बर की शाम तक यह आंकड़ा बढक़र 76.28 प्रतिशत हो चुका था। विशेषज्ञों ने इसपर आश्चर्य भी जताया था। अकेले नारायणपुर विधानसभा क्षेत्र में 74.40 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ, जो 2013 में हुए चुनाव के मुकाबले 4 प्रतिशत से अधिक है।

स्ट्रांग रूम में जैमर की मांग
कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने इवीएम की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है। किरणमयी नायक, डॉ. राकेश गुप्ता आदि ने सीइओ से मिलकर स्ट्रांग रूम में जैमर लगाने की मांग की है। नायक ने कहा कि कांग्रेस को इस बात की सूचना मिली है कि स्ट्रांग रूम में रखी मशीनों को अत्याधुनिक तरीकों से प्रभावित करने के लिए बाहर से हैकर बुलाए गए हैं। इसको रोकने के लिए वहां फ्रीक्वेंसी जैमर लगाए जाने की मांग उठी है। इसके अलावा कांग्रेस ने स्ट्रांग रूम के सील की निगरानी के लिए कांग्रेस प्रत्याशी और उनके अभिकर्ता को निरीक्षण और वहां रुक सकने की अनुमति भी मांगी है।

दो जिलों के बीच का मामला
नारायणपुर कलक्टर टोपेश्वर वर्मा ने बताया कि जिन मतदान केंद्रों को लेकर शिकायत है, वे सभी कोंडागांव जिले की सीमा में आते हैं। मेरे पास इसकी रिपोर्ट कोंडागांव जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से आई थी। वही जारी हुई। मामला संज्ञान में आने के बाद कोंडागांव से इसका स्पष्टीकरण मांगा गया है। वहीं कोंडागांव कलक्टर नीलकंठ टेकाम का कहना है कि इन केंद्रों पर जितने मत पड़े हैं और जितने की पीठासीन अधिकारी ने रिपोर्टिंग की है, उसी की रिपोर्ट निर्वाचन कार्यालय को भेजी गई है।

कांग्रेस के लोग जिस कागज से उसकी मैचिंग करा रहे हैं, वह हमारे यहां से जारी नहीं हुई है। क्योंकि जिला स्तर पर इसको शेयर करने की मनाही है। कांग्रेस का वह कागज भ्रामक है। वहीं कांग्रेस ने कोंडागांव कलक्टर नीलकंठ टेकाम की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस नेता किरणमयी नायक ने कहा कि चुनाव से पहले कलक्टर टेकाम की भाजपा के टिकट पर केशकाल से चुनाव लडऩे की चर्चा चल रही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि नारायणपुर के भाजपा उम्मीदवार केदार कश्यप को प्रशासनिक लाभ पहुंचने के लिए ऐसा किया गया है।

शिकायत पर लिया संज्ञान
छत्तीसगढ़ मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुब्रत साहू ने कहा, कांग्रेस की शिकायत पर संज्ञान लिया गया है। हम शिकायतों का परीक्षण कर पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। जल्दी ही स्थिति स्पष्ट होगी।