
कांग्रेस-जकांछ को इनकार कर सपा के साथ गई गोंगपा
रायपुर/बिलासपुर. कांग्रेस और बाद में जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के साथ चल रही गठबंधन की बातचीत को मुकाम तक पहुंचता नहीं पाकर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने अलग राह चुनी है। गोंगपा ने छत्तीसगढ़ में समाजवादी पार्टी से समझौता कर लिया है। इस गठबंधन में सपा 18 सीट पर चुनाव लड़ेगी वहीं बस्तर की कुछ सीटों को छोडक़र अन्य पर गोंगपा अपना प्रत्याशी उतारेगी।
शुक्रवार को गोंड़वाना गणतंत्र पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हीरासिंग मरकाम, राष्ट्रीय सचिव श्याम सुन्दर मरकाम, प्रदेश अध्यक्ष नंदकिशोर राज सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौरव दुबे प्रदेश अध्यक्ष तनवीर अहमद के बीच बिलासपुर के राजकिशोर नगर मोपका स्थित हीरासिंग मरकाम के आवास पर चर्चा हुई।
हीरासिंह ने बताया हमने 18 सीट सपा को दी है। वे अपने हिसाब से प्रत्याशी चयन करेंगे। हम बस्तर की कुछ सीटों को छोडक़र शेष सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। राजनांदगांव की सभी सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं। प्रथम चरण की 9 से 10 सीटों पर चुनाव लडऩे की तैयारी चल रही है। गोंड़वाना गणतंत्र पार्टी कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लडने की तैयारी में थी।
लेकिन सीटों को लेकर गोंगपा के साथ समझौता नहीं हो पाया। गोंगपा 10 सीट मांग रही थी, कांग्रेस इसके लिए तैयार नहीं हुई। इस कारण यह गठबंधन खटाई में पड़ गया है। गोंगपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हीरासिंग मरकाम ने ‘पत्रिका’ को बताया कि गठबंधन को लेकर कांग्रेस शुरू से ढुलमुल रवैया अपना रही थी। अब जोगी से भी समझौते की गुंजाइश नहीं है। जकांछ से 16 सीट मांगी गई थी, लेकिन उनसे भी बात नहीं जम पाई है। गोंगपा जल्द ही प्रत्याशियों की सूची जारी करेगी।
नए क्षेत्रीय दलों की भी अपनी तैयारी
छत्तीसगढ़ स्वाभिमान मंच कुछ नए क्षेत्रीय दलों के साथ गठबंधन की संभावना तलाश रहा है। पहले छत्तीसगढिय़ावाद पर जोगी को समर्थन देने के बाद मंच ने अपने कदम खींच लिए थे। मंच के अध्यक्ष राजकुमार गुप्त ने कहा, बसपा से जोगी के गठबंधन के बाद क्षेत्रीयतावाद का आधार खंडित हो गया। मंच ने छह सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा की है। इसमें डोंगरगांव से नरेश गंजीर, कोन्टा से विजय सोढ़ी, दुर्ग ग्रामीण से उत्तरा बंजारे, दुर्ग शहर से बलदेव साहू, अहिवारा से रामेश्वर जांगड़े का नाम है।
राजनांदगांव सीट से दो लोगों संजय साहू और सोमनाथ निषाद का नाम एक साथ है। मंच भारतीय ट्राइबल पार्टी नाम के नए दल से गठबंधन की कोशिश में है। गुप्त बताते हैं कि दोनों की शुरुआती बातचीत जारी है। भारतीय ट्राइबल पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बीएस रावटे अम्बेडकराइट पार्टी ऑफ इंडिया जैसे कुछ दलों से बातचीत कर रहे हैं। उनका कहना है कि एसटी के आरक्षित 29 सीटों के अलावा वे एसटी बहुल करीब 10 सीटों पर फोकस कर रहे हैं।
कार्यकर्ताओं का मान-मनौव्वल भी शुरू
कांग्रेस-बसपा के दावेदारों को लेकर विरोध
बिलासपुर. चंद्रपुर से बसपा की सीट को छोडक़र कांग्रेस में शामिल होने वाले रामकुमार यादव के खिलाफ कांग्रेस में बगावत शुरू हुई है। कांग्रेस नेताओं ने रायपुर जाकर रामकुमार यादव को टिकट नहीं देने की मांग की है, लेकिन दिल्ली में जिस तरह राहुल गांधी से मुलाकात कर कांग्रेस प्रवेश किया, उसके बाद रामकुमार यादव की टिकट फाइनल मानी जा रही है।
वहीं ऋचा जोगी को अकलतरा बसपा सीट से चुनाव लडऩे का ऐलान करते ही अकलतरा बसपा के कार्यकर्ताओं ने विरोध शुरू कर दिया है। चंद्रपुर से गीतांजलि पटेल के बसपा में शामिल होते ही वहां के बसपा कार्यकर्ताओं में खींचतान शुरू हो गई है। हालांकि दोनों पार्टी के नेता क्षेत्र के सक्रिय कार्यकर्ताओं से मिलकर कर मान मनौव्वल करने की कोशिश में लगे हैं।
चंद्रपुर की सीट हमेशा से राजनीति की हॉट सीट रही है। बसपा में शामिल होकर जोगी कांग्रेस की नेत्री गीतांजलि पटेल चंद्रपुर से चुनाव लडऩे जा रही है, तो वहीं रामकुमार यादव के कांग्रेस प्रवेश ने इस विधानसभा में नये समीकरण के संकेत दे दिये हैं। चंद्रपुर को लेकर भाजपा अभी तक असमंजस में है।
इधर दिल्ली में राहुल गांधी के समक्ष कांग्रेस में प्रवेश के बाद रामकुमार यादव ने चंद्रपुर विधानसभा में शक्ति प्रदर्शन किया है और अड़भार से चंद्रपुर तक 60 किमी. तक रैली निकाली। इस शक्ति प्रदर्शन के बाद चंद्रपुर में नयी राजनीतिक हलचल शुरू हो गयी है। दरअसल, कांग्रेस प्रवेश के बाद रामकुमार यादव को टिकट मिलने की चर्चा शुरू हो गई है, तो वहीं कुछ कांग्रेसियों के तेवर बागी होते दिख रहे हैं।
रामकुमार 2013 के चुनाव में बसपा से चुनाव लड़े थे और दूसरे नंबर पर रहे थे। रामकुमार ने चुनाव लडऩे का खुला ऐलान तो नहीं किया है, लेकिन राजनीतिक पंडित इसे बड़ा इशारा समझ रहे हैं। जकांछ ने ऋचा जोगी को बसपा की सीट से लड़ाने का एलान करने के बाद उनको बसपा की प्राथमिक सदस्यता दिलाई है। यहां बसपा से चुनाव लड़े संतन रात्रे तीसरी पोजिशन पर थे।
ऋचा जोगी के आने के बाद बसपा कार्यकर्ताओं ने विरोध शुरू कर दिया है। वहीं दो दिन पहले बसपा की सदस्यता लेकर चंद्रपुर से चुनाव लडऩे की तैयारी कर रहीं गीतांजलि पटेल का अब बसपा के कार्यकर्ता ही विरोध कर रहे हैं।
Published on:
20 Oct 2018 12:43 pm
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