
5 से 8 रुपए का हुआ चुनावी समोसा, महंगी हुई चाय की चुस्की
रायपुर. बाजार में बिकने वाला चाय और समोसा पांच साल में 5 से 8 रुपए हो गया है, उसे आयोग ने भी माना है। बीते सालो में बढ़ी महंगाई का असर चुनाव में भी देखने को मिल रहा है। आयोग ने 2013 के निर्वाचन के बाद जो सामानों के खर्च की सूची दी है, उसमें 40 प्रतिशत की वृद्धि की है। चुनावी बैनर पोस्टर बांधने वालों को रोज का 400 रुपए मजदूरी प्रत्याशियों को देने होंगे। बीते चुनावों में यह कार्य कार्यकर्ताओं के द्वारा कराने का हवाला प्रत्याशियों द्वारा दिया जाता रहा है।
इतना ही नहीं प्रत्याशियों की शान में बैंड बाजा बनाने वालों (11 लोगों के ग्रुप ) 8 हजार रुपए प्रति घंटे का रेट आयोग ने तय किया है। इतना ही नहीं, प्रत्याशियों को पहनाई जाने वाली माला की कीमत भी 220 रुपए कर दी गई है। विधानसभा चुनावों के खर्चों के रेट तय कर निर्वाचन आयोग ने राजनीतिक दलों की मुश्किलें और बढ़ा दी है।
टोपी के रेट 15 से 25 रुपए
विधानसभा चुनावों में अधिकांश कार्यकर्ता अपने-अपने दल के चिन्ह वाली टोपी तथा टी शर्ट का प्रयोग करते हैं। इस बार टी शर्ट की निर्धारित दर 65 रुपए प्रति नग रखी गई है। रेशमी दुपट्टा 6 रुपये से 12 रुपए प्रति नग, टोपी 15 रुपए से 25 रुपए प्रति नग तक पहुंच गया है।
बाइक का 200, साइकिल का 40 रुपए चार्ज
विधानसभा निर्वाचन 2018 के लिए आयोग ने सभी वस्तुओं के रेट निर्धारित कर दिए हैं। मोटर सायकल 2 सौ रुपए प्रतिदिन तथा साइकिल का 40 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से खर्च जुड़ेगा। जिन गाडिय़ों तथा साइकिल पर किसी पार्टी या प्रत्याशी का स्टीकर तथा झंडा लगा मिलेगा, उस वाहन या साइकिल को चुनावी खर्च में जोड़ लिया जाएगा।
इसी दर से जुड़ेगा चुनावी खर्च
चुनावी खर्चों पर रोक लगाने की मंशा से आयोग ने इस वर्ष कुछ नए नियम बनाए हैं। विगत विधानसभा चुनावों तक प्रत्याशी तथा राजनीतिक दल चुनावी खर्च को बेहद मामूली ढंग से बनाकर जमा करते थे। मसलन जब समोसा 5 रुपए का आता था तो चुनावी खर्चे में उसे 1 रूपये दर्शाया जाता था परंतु इस वर्ष आयोग ने सभी वस्तुओं के रेट निर्धारित कर दिए हैं यानी निर्धारित दर से कम का खर्च मान्य ही नहीं होगा।
आयोग द्वारा निर्धारित रेट की सूची सभी राजनीतिक दलों को दी जा चुकी है नामांकन के बाद सभी प्रत्याशियों को भी सूची का एक-एक सेट दिया जाएगा। निर्धारित दर से कम दर पर दिए गए चुनावी खर्च मान्य नहीं होंगे, ऐसी स्थिति में निर्धारित दर ही लगाई जाएगी।
डॉ. बसवराजु एस, जिला निर्वाचन अधिकारी
Published on:
20 Oct 2018 03:32 pm
बड़ी खबरें
View Allरायपुर
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
