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आस्था और विश्वास बढ़ाएगा छत्तीसगढ़ का जादुई दीया, 24 घंटे जलती रहेगी जोत

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कोण्डागांव प्रवास के दौरान शिल्प-नगरी का शुभारंभ किया है। वे शिल्प-नगरी में मैजिक दीये को तैयार करने की प्रक्रिया से परिचित भी हुए।

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रायपुर. ग्रामोद्योग मंत्री गुरू रूद्रकुमार की विशेष पहल पर ग्रामोद्योग के अंतर्गत टेराकोटा शिल्प के शिल्पियों ने मैजिक दीया तैयार किया है। मंत्री गुरू रूद्रकुमार ने कहा है कि सभी जाति-धर्म के लोग अपने आराध्य देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना सहित अन्य विभिन्न अवसरों पर दीपक प्रज्जवलित करते हैं।

लगातार 24 घंटे से अधिक जलने वाले इस मैजिक दीये से आस्था और विश्वास बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि टेराकोटा के शिल्पियों ने कोरोना संक्रमण काल के दौरान अपनी अभिव्यक्ति को शिल्प-कला के माध्यम से व्यक्त कर उत्कृष्ट कलाकृतियां तैयार की है, जो काबिले तारीफ है।

मंत्री गुरू रूद्रकुमार ने ग्रामोद्योग में संचालित गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामोद्योग ग्रामीणों के जीवन-यापन का आधार बना है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण में अपनी महत्वपूर्ण सहभागिता निभाई है। इसके लिए विभागीय अधिकारी और सभी शिल्पकार बधाई के पात्र हैं।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कोण्डागांव प्रवास के दौरान शिल्प-नगरी का शुभारंभ किया है। वे शिल्प-नगरी में मैजिक दीये को तैयार करने की प्रक्रिया से परिचित भी हुए। मुख्यमंत्री बघेल ने भी मैजिक दीये की सराहना की है। हस्तशिल्प विकास बोर्ड के महाप्रबंधक एस.एल. वट्टी ने बताया कि इस मैजिक दीये को कोण्डागांव के स्टेट अवार्डी टेराकोटा शिल्प से जुड़े अशोक चक्रधारी ने तैयार किया है।

उन्होंने बताया कि मैजिक दीया दो हिस्से में बनता है, दीये के ऊपरी हिस्से में तेल भरकर इसे उलट दिया जाता है। ऊपरी हिस्से में भरे हुआ तेल दिये के निचले हिस्से में धीरे-धीरे रिसता रहता है, इस तरह दीये में तेल की आपूर्ति लगातार होती रहती है और दीया 24 घंटा जलता रहता है।