22 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

यहां नवरात्र में भक्त नहीं देख सकते ज्योति और जंवारा, एकांत में होता है विसर्जन

जिला मुख्यालय से 19 किमी दूर नगर पंचायत लवन की महामाया शक्ति पीठ हैहयवंशी राजघराना का प्रतिष्ठित मंदिर है

2 min read
Google source verification
cg news

बलौदाबाजार. जिला मुख्यालय से 19 किमी दूर नगर पंचायत लवन की महामाया शक्ति पीठ हैहयवंशी राजघराना का प्रतिष्ठित मंदिर है। पूरे क्षेत्र में लवन महामाया का बड़ा महत्व है। संपूर्ण छत्तीसगढ़ के सबसे पुराने मंदिरों में इस मंदिर को माना जाता है।

मंदिर में माता की प्रतिमा प्राकृतिक है। प्राचीन मान्यता के अनुसार सन् 1356 ई. में माता महामाया की प्रतिष्ठा की गई। यह पूर्व में विश्वेश्वरी मंदिर के जगह पर विराजमान थी। वर्ष 1966 में यहां मंदिर का निर्माण कराया गया। महामाया माता की प्रतिमा 7.5 फीट ऊंची है। माता के 20 हाथ हैं, सभी हाथों में माता ने शस्त्र धारण किए हुए हैं। मंदिर में रोजाना तीन समय पूजा आरती की जाती है। नवरात्रि के अवसर पर मंदिर में दो से ढाई हजार ज्योति कलश प्रज्जवलित होती हैं। मान्यता है कि किसी भी व्यक्ति द्वारा नवरात्र में ज्योति एवं जंवारा विसर्जन को नहीं देखा जाता है। रात्रि 12 बजे के बाद पुजारी ही एकांत में विसर्जन करते हैं।

चैत्र नवरात्रि के आठ दिनों को लेकर लोगों में अष्टमी और नवमी में भ्रम की स्थिति है। लोगों की शंका समाधान करते हुए पंडितों ने शनिवार को अष्टमी तथा रविवार को नवमीं मनाए जाने की बात कही है। वहीं देवी मंदिरों में अष्टमी और राम मंदिरों में रामनवमी को धूमधाम से मनाए जाने की तैयारियां भी जोर-शोर से की जा रही हैं। आठ दिनों की नवरात्रि की वजह से भक्तों में अष्टमी और नवमी को मनाए जाने को लेकर भ्रम की स्थिति है। सिविल लाइन निवासी पं. पृथ्वीपाल द्विवेदी ने बताया कि शनिवार को सुबह लगभग 9 बजे से अष्टमी प्रारंभ होगी। जो रविवार सुबह 8 बजे तक रहेगी। जिन लोगों को अष्टमी का व्रत रखना है। वे शनिवार को ही व्रत रखें। शनिवार को ही अठवाहीं का भोग लगाया जाना चाहिए। मावली देवी मंदिर समिति के वरिष्ठ सदस्य भुवन जायसवाल ने बताया कि रविवार को ही अष्टमी मनाई जा रही है। मंदिर में हवन का भी आयोजन है।

स्थानीय सर्व ब्राम्हण महिला समाज द्वारा विप्र वाटिका में शुक्रवार सुबह कन्या भोज का आयोजन किया गया। समाज की महिलाओं ने एकजुट होकर देवी स्वरुप कन्याओं का विधि-विधान से पूजा अर्चना कर कन्या भोज कराया। उन्हें उपहार प्रदान किया। इस अवसर पर महिला समाज अध्यक्ष डॉ. निशा झा, लक्ष्मी अवस्थी, ऋचा द्विवेदी, पिंकी मिश्रा, मनीषा शुक्ला आदि महिलाएं उपस्थित थीं।