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बदलता छत्तीसगढ़: औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार से बदली सिमगा की तस्वीर

रायपुर जिले से लगभग 45 किलोमीटर दूर रायपुर–बिलासपुर नेशनल हाईवे पर स्थित सिमगा क्षेत्र तेजी से बदल रहा है। क्षेत्र में औद्योगिक विकास, बेहतर सड़क संपर्क, धार्मिक पर्यटन और व्यापार बढ़ रहा है।इन सभी कारणों से सिमगा क्षेत्र तेजी से प्रगति की राह पर है। आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र न सिर्फ आर्थिक रूप […]

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बदलता छत्तीसगढ़: औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार से बदली सिमगा की तस्वीर

बदलता छत्तीसगढ़: औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार से बदली सिमगा की तस्वीर

रायपुर जिले से लगभग 45 किलोमीटर दूर रायपुर–बिलासपुर नेशनल हाईवे पर स्थित सिमगा क्षेत्र तेजी से बदल रहा है। क्षेत्र में औद्योगिक विकास, बेहतर सड़क संपर्क, धार्मिक पर्यटन और व्यापार बढ़ रहा है।इन सभी कारणों से सिमगा क्षेत्र तेजी से प्रगति की राह पर है। आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र न सिर्फ आर्थिक रूप से मजबूत होगा, बल्कि रोजगार और पर्यटन का भी बड़ा केंद्र बनकर उभरेगा। बीते कुछ वर्षों में तेजी से विकास देखने को मिला है। नेशनल हाईवे से जुड़े आउटर रोड और औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार ने इस क्षेत्र की तस्वीर बदल दी है। इसका सीधा असर जमीन की कीमतों, रोजगार के अवसरों और व्यापारिक गतिविधियों पर पड़ा है।

जमीन की कीमतों में जबरदस्त उछाल

पहले सिमगा की ब्राह्मण कॉलोनी में जमीन की दरें 300 से 400 रुपए प्रति वर्गफुट थीं, जो अब बढ़कर 600 से 800 रुपए प्रति वर्गफुट तक पहुंच चुकी हैं। वहीं अन्य क्षेत्रों में जमीन की कीमतें 1500 से 2000 रुपए प्रति वर्गफुट और उससे अधिक हो गई हैं। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण आसपास बड़े-बड़े उद्योगों की स्थापना है। सिमगा से 10–15 किलोमीटर के दायरे में पाइप, टायर सहित लगभग 6 बड़े उद्योग पहले से संचालित हैं, जबकि 3 नए उद्योग प्रस्तावित हैं। इससे क्षेत्र में रोजगार की संभावनाएं तेजी से बढ़ी हैं। विकास की इसी रफ्तार को देखते हुए सिमगा अब नगर पंचायत से नगर पालिका बन चुका है।

व्यापार और ब्रांड्स से बदले

एक समय था जब सिमगा के लोगों को खरीदारी के लिए तिल्दा या रायपुर जाना पड़ता था, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। यहां बड़े-बड़े ब्रांड्स की दुकानें खुल चुकी हैं। एक शॉपिंग मॉल और बड़ा कपड़ा मार्केट संचालित हो रहा है, वहीं मॉल की तर्ज पर दो से तीन अन्य शॉपिंग कॉम्प्लेक्स भी शुरू हो चुके हैं। तीज-त्योहारों के दौरान आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग सिमगा पहुंचकर खरीदारी कर रहे हैं।

पर्यटन के रूप में उभरता सिमगा

सिमगा से लगभग 12 किलोमीटर दूर लखना गांव स्थित प्राचीन सोमनाथ मंदिर अब एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित हो रहा है। यहां शिवनाथ और खारुन नदियों का संगम है, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र है। निषाद समाज के लोग यहां नाव संचालन के माध्यम से रोजगार पा रहे हैं। इस मंदिर की एक खास मान्यता यह है कि यहां का शिवलिंग जमीन के अंदर से निकला हुआ है और समय के साथ उसका आकार बढ़ता जा रहा है।

रोजगार और विकास की बढ़ती संभावनाएं

सिमगा निवासी धीरज जैन के अनुसार, आसपास बड़ी-बड़ी इंडस्ट्री आ चुकी हैं और कुछ और आने वाली हैं। इससे लोगों को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलेगा, जमीन की कीमतें बढ़ेंगी और किराया व बाजार में भी तेजी आएगी।

पर्यटन में अपार अवसर

सिमगा निवासी करण भाटिया बताते हैं, सोमनाथ मंदिर में पर्यटन की अपार संभावना है। यहां गार्डन, ओपन जिम, मंदिर का जीर्णोद्धार जैसे कई विकास कार्य हुए हैं। महाशिवरात्रि के अवसर पर हाईवे से मंदिर तक 3–4 किलोमीटर लंबा जाम लगना इसकी लोकप्रियता को दर्शाता है।