2 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

गाय अउ कुकुर

नानकीन किस्सा

less than 1 minute read
Google source verification
गाय अउ कुकुर

गाय अउ कुकुर

एक दिन मेहा लइकामन से पूछेंव के गांव अउ सहर म का अंतर हे। एकझन लइका ह कहिथे- गांव म गाय पाले जाथे अउ कुकुरमन गली म घूमत रहिथे। सहर म कुकुर पाले जाथे अउ गाय न गली सड़क म घूमत रहिथे, गुरुजी।
वोहा भले हंसी-मजाक म बताइस फेर आज के सच्चाई उगल के रखदीस। आज मनखे ह गाय के जगा कुकुर ल पोंसे ल धर लेहे। जतका खरचा गाय ल पोंसे म नइये, वोकर ले जादा जादा खरचा कुकुर के पोंसे में हे। कुकुर जते सेवा गऊ माता के करतीस त वोकर घर म दूध-दही के गंगा बोहा जतिस। आज गऊ माता के बुरा हाल होगे हे। कोनो देखरेख करइया नइये। गांवमन म घलो चरागाह के कमी के सेती धीरे-धीरे रखे बर कम करत जात हे।।ऐकरे सेती हमर देस में दूध-दही के कमी होत जात हे।
आज गऊ माता के बुरा हाल होगे हे। कोनो देखरेख करइया नइये। गांवमन म घलो चरागाह के कमी के सेती धीरे-धीरे रखे बर कम करत जात हे।।ऐकरे सेती हमर देस में दूध-दही के कमी होत जात हे।