
गाय अउ कुकुर
एक दिन मेहा लइकामन से पूछेंव के गांव अउ सहर म का अंतर हे। एकझन लइका ह कहिथे- गांव म गाय पाले जाथे अउ कुकुरमन गली म घूमत रहिथे। सहर म कुकुर पाले जाथे अउ गाय न गली सड़क म घूमत रहिथे, गुरुजी।
वोहा भले हंसी-मजाक म बताइस फेर आज के सच्चाई उगल के रखदीस। आज मनखे ह गाय के जगा कुकुर ल पोंसे ल धर लेहे। जतका खरचा गाय ल पोंसे म नइये, वोकर ले जादा जादा खरचा कुकुर के पोंसे में हे। कुकुर जते सेवा गऊ माता के करतीस त वोकर घर म दूध-दही के गंगा बोहा जतिस। आज गऊ माता के बुरा हाल होगे हे। कोनो देखरेख करइया नइये। गांवमन म घलो चरागाह के कमी के सेती धीरे-धीरे रखे बर कम करत जात हे।।ऐकरे सेती हमर देस में दूध-दही के कमी होत जात हे।
आज गऊ माता के बुरा हाल होगे हे। कोनो देखरेख करइया नइये। गांवमन म घलो चरागाह के कमी के सेती धीरे-धीरे रखे बर कम करत जात हे।।ऐकरे सेती हमर देस में दूध-दही के कमी होत जात हे।
Published on:
30 Jan 2020 04:00 pm
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