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दर्जी का बेटा सीजी बोर्ड में टॉपर, बोला- IAS बनकर सुधारुंगा देश का सिस्टम

विनय ने बताया कि वह आगे बढ़कर आईएएस बनना चाहता है

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रायपुर . सामान्य सा परिवार। पिता दर्जी हैं। छोटा सा सपना है - बेटा अच्छा पढ़ लिखकर कुछ बड़ा काम करे। और बेटे ने कर दिखाया। विनय चौहान ने 12वीं बोर्ड में चौथा रैंक हासिल कर सिद्ध कर दिया कि वह पिता का सपना पूरा करके रहेगा। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से 12वीं बोर्ड में 4 टॉपर निकले, लेकिन विनय चौहान के सपने अलग हैं। विनय ने बताया कि वह आगे बढ़कर आईएएस बनना चाहता है..

पिता हो गए भावुक
अपने बेटे की इस उपलब्धि से पिता इस कदर भावुक हो गए हैं कि कभी बेटे को गले लगाते तो कभी आंखों से बे-इंतहा खुशी के आंसू छलक पड़ते। बेटे ने काम ही कुछ ऐसा किया है। साल भर की जीतोड़ मेहनत और कुछ कर गुजरने के इरादे के साथ उसने साबित किया है कि बड़ा स्कूल और हजारों रुपए की कोचिंग सबकुछ नहीं होता। चाहिए तो बस, हौसला और परिवार का सपोर्ट।

भिलाई के खुर्सीपार में दौड़ पड़ी खुशी की लहर
12वीं में विनय को चौथे रैंक मिलने की खबर जैसे ही खुर्सीपार में पहुंची, मानों हर किसी की जुबान पर इन होनहार के चर्चे होने लगे। पिता को मिठाइयां और बधाई का तांता लग गया। घर-पड़ोस के लोग विनय से मुलाकात करने के लिए व्याकुल नजर आए। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों को भी इस बात की जानकारी मिलते ही होनहार की हौसला अफजाई का मौका मिला।

आईएएस बनकर सुधारुंगा देश का सिस्टम
होनहार विनय का कहना है कि आईएएस बनने का लक्ष्य है। वह भ्रष्ट हो चुके सिस्टम में बदलाव कर देश की सेवा करना चाहता है। इसके लिए 10वीं से ही विजन तय कर लिया। जेईई मेंस में भी बेहतर रैंक के साथ एडवांस के लिए क्वालिफाई किया है। आईआईटी दिल्ली से मैकेनिकल में बीटेक करने का सपना है। डिग्री मिलने के साथ ही आईएएस के लिए भी तैयारी करने की इरादा विनय पहले ही कर चुका है। विनय ने भिलाई विद्यालय का छात्र है। उनकी इस उपलब्धि से बीएसपी स्कूल शिक्षा विभाग में खुशी की लहर है।