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अब बिना आवेदन मुख्यमंत्री दे सकेंगे 5 लाख की आर्थिक मदद

मुख्यमंत्री और मंत्रियों के स्वेच्छानुदान की सीमा बढ़ी - अब किसी को 40 हजार रुपया दे पाएंगे मंत्री

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अब बिना आवेदन मुख्यमंत्री दे सकेंगे 5 लाख की आर्थिक मदद

अब बिना आवेदन मुख्यमंत्री दे सकेंगे 5 लाख की आर्थिक मदद

रायपुर. राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री और मंत्रियों की ओर से दी जाने वाली स्वेच्छानुदान राशि को लेकर नियम तैयार किया है। इसके तहत अब मुख्यमंत्री और मंत्री आवेदन के बिना भी आवश्याकता और जरुरत के हिसाब से स्वेच्छानुदान राशि की अनुमति दे सकते हैं। वहीं नए नियम में मुख्यमंत्री और मंत्रियों के स्वेच्छानुदान की सीमा बढ़ा दी गई है।

पहले मंत्री 500 से लेकर 25 हजार तक की राशि स्वेच्छानुदान मद से दे सकते थे। अब इस राशि को बढ़ाकर 2 हजार से 40 हजार रुपए कर दिया गया है। वहीं मुख्यमंत्री 5 लाख रुपए तक स्वेच्छानुदान में दे सकेंगे।सामान्य प्रशासन विभाग ने इस स्वेच्छानुदान नियम को तैयार किया है। इसका राजपत्र में प्रकाशन कर दिया गया है।

बताया जाता है कि स्वेछानुदान को लेकर समय-समय पर गाइड लाइन जारी होते रही है। इसी के आधार पर इस नियम को अंतिम रूप दिया गया है। इसमें बड़ा बदलाव यह है कि मुख्यमंत्री और मंत्रियों के स्वेच्छानुदान की सीमा को बढ़ा दिया गया है। यह नियम मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री, मंत्री, राज्य मंत्री ओर उप मंत्रियों के लिए लागू होगा।

इस नियम के मुताबिक व्यक्ति विशेष के मामले में खेलकूद, शिक्षा, कला, विज्ञान, ईमानदारी एवं वीरतापूर्ण कार्य के लिए पुरस्कार स्वरुप अनुदान, चिकित्सा के लिए अनुदान, निराश्रित या नि:शक्त व्यक्ति को अनुदान, कन्या विवाह व रोजगार के लिए अनुदान, आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्ति को अनुदान दिया जा सकता है।

स्वेच्छानुदान की वार्षिक सीमा तय

नए नियम में स्वेच्छानुदान की वार्षिक सीमा भी तय कर दी गई है। मुख्यमंत्री एक साल में 10 करोड़ रुपए तक का स्वेच्छानुदान दे सकेंगे। वहीं उप मुख्यमंत्री व मंत्रियों को 1.50 करोड़ और राज्यमंत्री व उप मंत्रियों को 1 करोड़ रुपए स्वेच्छानुदान मद से राशि देने की पात्रता होगी।