12 अप्रैल 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

CG Election: मनीष तिवारी का दावा, कांग्रेस की सरकार आई तो मात्र इतने रुपए में मिलेगा पेट्रोल

कांग्रेस की सरकार आई और कच्चे तेल की कीमतें ऐसी ही रहीं तो लोगों को 35 रुपए लीटर में पेट्रोल मिलेगा

2 min read
Google source verification
CGNews

मनीष तिवारी का दावा, कांग्रेस की सरकार आई तो मात्र इतने रुपए में मिलेगा पेट्रोल

रायपुर. पूर्व केंंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनीष तिवारी ने दावा किया है, कांग्रेस की सरकार आई और कच्चे तेल की कीमतें ऐसी ही रहीं तो लोगों को 35 रुपए लीटर में पेट्रोल मिलेगा। डीजल उससे भी सस्ता होगा। तिवारी ने रसोई गैस के दाम भी आज की तुलना में आधे किए जाने की बात कही।

कांग्रेस प्रवक्ता सोमवार को राजीव भवन में संवाददाताओं से बात कर रहे थे। इससे पहले केंद्र सरकार पर पेट्रोलियम मूल्यों में बेतहासा वृद्घि के लिए हमला किया। उनका कहना था, 2014 से अभी तक केंद्र सरकार ने 12 बार एक्साइज ड्यूटी बढ़ाई है। पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 211 प्रतिशत और डीजल पर 433 प्रतिशत हो गया है।

इसके अलावा कस्टम ड्यूटी की वसूली अलग से की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस भारी-भरकम टैक्स के जरिए सरकार ने बीते 52 महीनों में जनता से 11 लाख करोड़ रुपए लूटे हैं।

कहा कच्चा तेल सस्ता, फिर क्यों बढ़ाए दाम : मनीष तिवारी ने कहा, मई 2014 में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 107.09 डॉलर प्रति बैरल थी। आज कच्चे तेल की कीमत 73 डॉलर प्रति बैरल है। यानि लगभग 40 प्रतिशत कम। इसके बाद भी देश में तेल की कीमतें इतिहास में सबसे ज्यादा हैं।

दूसरे राज्यों से महंगी है छत्तीसगढ़ में रसोई गैस : तिवारी ने कहा, पिछले छह महीनों में घरेलू गैस सिलिंडर के दाम 300 रुपए तक बढ़ा दिए गए हैं। छत्तीसगढ़ में 14.2 किलो का बिना सब्सिडी वाला गैस सिलिंडर 1017.50 रुपए में आ रहा है। जबकि मुंबई में इसकी कीमत 912 रुपए, भोपाल में 947 रुपए और भुवनेश्वर में 907 रुपए ही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सब्सिडी वाली गैस भी 95 रुपए महंगी हो गई है।

कहा राम मंदिर बनाने से किसने रोका है : राम मंदिर से जुड़े एक सवाल पर मनीष तिवारी ने कहा, विवादित ढांचा गिरने के बाद तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने मंदिर के पास की जमीनों का अधिग्रहण किया था। केवल मंदिर की जमीन का मामला सर्वोच्च न्यायालय में है। कानून बनाने और अध्यादेश लाने की बात क्यों हो रही है। जमीन तो उनके पास ही है, मंदिर बनाने से किसने रोका है।