
छत्तीसगढ़ के इन कॉलेजों में चल रहा ये गोलमाल, स्टूड़ेंट्स से वसूली गई राशि नही जा रही सरकारी खजाने में
जितेन्द्र दहिया@रायपुर . शासन से हर साल लाखों रुपए अनुदान लेने वाले कॉलेजों द्वारा करीब साढ़े 7 करोड़ रुपए सरकारी खजाने में जमा नहीं कराने का मामला सामने आया है। ‘पत्रिका’ को मिले दस्तावेज बताते हैं कि 2006 से 2016 तक 12 साल में सिर्फ 55 फीसदी ही राशि शासकीय खजाने में जमा की गई है। 2006-07 से 2017-18 तक अनुदान प्राप्त कॉलेजों ने 7 करोड़ 73 लाख 41 हजार 693 रुपए जमा नहीं कराया है।
2006-07 में राज्य शासन ने वेतन अनुदान प्राप्त करने वाले महाविद्यालयों द्वारा शासन को (अशासकीय महाविद्यालय और संस्था (स्थापना एवं विनिमय) अधिनियम 2006 की धारा 47) के प्रावधानों के अनुरूप छात्रों से वसूली गई फीस की ५० प्रतिशत राशि शासन को जमा करने का नियम बनाया गया था। आरटीआई कार्यकर्ता इंदरजीत सिंह छाबड़ा ने सूचना के अधिकार के तहत यह जानकारी निकाली और रिकवरी के लिए शासन को पत्र लिखा। इसके बाद शासन की ओर से कॉलेजों को नोटिस दिया गया।
उच्च शिक्षा संचालनालय ने 11 जून को पत्र के माध्यम से एेसे 11 कॉलेजों को बकाया राशि जमा करने के लिए पत्र जारी किया है। अवर सचिव छत्तीसगढ़ शासन को शिकायत के बाद उन्होंने अपने पत्र क्रमांक 20-1/2017/38-2 के माध्यम से विभाग के आयुक्त को सभी कॉलेजों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए थे। उच्च शिक्षा आयुक्त ने 11 जून को सभी कॉलेजों को एक सप्ताह के भीतर जमा करने के निर्देश दिए थे।
रायपुर के 3, भिलाई के 2, दुर्ग का 1, अंबिकापुर का 1, बिलासपुर के 2, सक्ती का 1 तथा कोरबा का 1 कॉलेज ने शासकीय खाते राशि जमा नहीं की है। इन सबको को फिर से नोटिस देकर राशि जमा करने को कहा गया है।
छग शासन के उच्च शिक्षा आयुक्त बासव एस राजू ने कहा की सभी कॉलेजों को पत्र जारी किए गया है। यदि अंतिम नोटिस के बाद भी बकाया राशि जमा नहीं करते तो मान्यता समाप्त करने के संबंध में कार्रवाई की जाएगी।
77341693 - बकाया राशि
फिर लिखाना पड़ा पत्र, पर कोई तवज्जो नहीं : कॉलेजों ने आयुक्त के द्वारा जारी किए पत्र को नजरअंदाज कर दिया। 8 फरवरी 2018 को फिर सभी कॉलेजों को पत्र जारी कर राशि जमा करने को कहा गया।
Published on:
20 Jun 2018 12:57 pm
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