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24 करोड़ की रेलवे अंडरब्रिज किसी काम की नहीं, आने- जाने में बड़ी मुसीबत

- रेलवे क्रासिंग वाहनों की आवाजाही के लिए बंद कर दी गई है, परंतु हल्की सी भी बारिश होने पर अंडरब्रिज से निकलना आसान नहीं है। दोनों अंडरब्रिज एक ही तकनीक में बनाई गई है, जिसमें पानी भराव हो रहा है। आमानाका और डूमरतालाब अंडरब्रिज में पानी भराव से शहर के लोग हलाकान ।  

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24 करोड़ की रेलवे अंडरब्रिज किसी काम की नहीं, आने-जाने में बड़ी मुसीबत

24 करोड़ की रेलवे अंडरब्रिज किसी काम की नहीं, आने-जाने में बड़ी मुसीबत

रायपुर . रेलवे की अंडरब्रिज शहर के लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है। आमानाका और डूमरतालाब रेलवे क्रासिंग वाहनों की आवाजाही के लिए बंद कर दी गई है, परंतु हल्की सी भी बारिश होने पर अंडरब्रिज (railway under bridge) से निकलना आसान नहीं है। दोनों अंडरब्रिज एक ही तकनीक में बनाई गई है, जिसमें पानी भराव हो रहा है। जबकि शहर के बीच इन दोनों सबसे बड़ी रेलवे क्रासिंग पर करीब 23 करोड़ की लागत से निर्माण कराया है। इसकी आधी लागत राज्य सरकार का पीडब्ल्यूडी विभाग ने दिया है। ताकि लोगों को फाटक पार करना न पड़े और लोग दुर्घटना होने से बच सकेंगे।

रेलवे के वो दोनों ब्रिज पानी रिसाव के कारण जर्जर हो रही हैं। आवाजाही में बड़ी दिक्कतों का सामना लोगों को हर दिन करना पड़ता है। चाहे बरसात हो या मौसम सूखा हो। हैरानी की बात यह कि आमानाका क्रासिंग की दोनों तरफ की दीवार लगातार रिसाव से झरने जैसी नजर आती है। जिसे रेलवे के इंजीनियर बंद नहीं कर पाए। कीचडय़ुक्त गंदगी का आलम है। तेज बारिश होने पर लबालब की स्थिति बन जाती है।

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बारिश में लबालब, अंडरब्रिज पर खर्च 12 करोड़
रेलवे की यह ऐसी क्रासिंग है, जो शहर के सबसे अधिक ट्रैफिक वाली जीई रोड पर पं. रविशंकर विश्वविद्यालय के करीब आमानाका क्रासिंग। टाटीबंध से आने और शहर के बढ़ते ट्रैफिक के बढ़ते दबाव को देखते हुए साल 2008-9 में 950 मीटर लंबा ओवरब्रिज पीडब्ल्यूडी ने बनाया। चूंकि रेलवे को यह क्रासिंग बंद करनी थी, करीब दो साल पहले पीडब्ल्यूडी से 5 करोड़ लेकर करीब 12 करोड़ में अंडरब्रिज बनाकर क्रासिंग बंद कर दी है। लेकिन निर्माण इतना घटिया की हमेशा पानी भराव से आवाजाही आसान नहीं।

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डूमरतालाब ब्रिज से निकलना आसान नहीं, खर्च 12 करोड़
आमानाका ओवरब्रिज के टाटीबंध तरफ नीचे उतरते हुए बाएं साइड की तरफ जाने वाली सड़क पर रेलवे की डूमरतालाब क्रासिंग है। यही रास्ता सरोना और मोहबा बाजार अंडरब्रिज से होकर कोटा, रामनगर तरफ जाता है। बसाहट का बिस्तार होने के साथ ही इस सड़क से होकर आवाजाही काफी बढ़ी है। इसे देखते हुए इस क्रासिंग पर भी रेलवे ने पीडब्ल्यूडी से कुल लागत की आधी रकम 5 करोड़ लेकर रेलवे ने करीब 12 करोड़ में अंडरब्रिज का निर्माण कराया। महीनेभर पहले मई के दूसरे सप्ताह में आवाजाही शुरू हुई है। लेकिन, दो और चारपहिया वाहनों के चक्के पानी और कीचड़ में डूबते हुए बाहर निकलते हैं।

8 बड़ी रेलवे क्रासिंग शहर में, ट्रैफिक लाख वाहनों के पार
शहर के बीच रेलवे की आठ से अधिक बड़ी क्रासिंग हैं, जहां लोगों के आवाजाही का आंकड़ा एक लाख से अधिक वाहनों का हर दिन है। फाटक बंद होने पर लंबी कतारें लग जाती हैं। इस समस्या से निजात दिलाने के लिए रेलवे तीन जगह आमानाका, डूमरतालाब, मोबा पंडरी क्रासिंग में अंडरब्रिज बनाया। ये तीनों अंडरब्रिज बारिश में मुसीबत बन गई हैं। जबकि पीडब्ल्यूडी ने रामनगर-गीतानगर, महोबा बाजार और श्रीनगर कॉलोनी के करीब कोटा क्रासिंग पर अंडरब्रिज बनाया, वहां ऐसी स्थिति नहीं है। दो बड़ी क्रासिंग वाल्टेयर और गोगांव क्रासिंग पर अंडरब्रिज का निर्माण चल रहा है।

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130 ट्रेनों की हर दिन आवाजाही
शहर के बीच इन रेलवे क्रासिंग से हर दिन 130 ट्रेनों की आवाजाही होती है। आमानाका और डूमरतराई रेलवे क्रासिंग मुख्य हावड़ा-मुंबई रेल मार्ग पर है। पिछले डेढ़ साल से कोरोना के कारण ट्रेनों की संख्या है, परंतु आम दिनों में लगातार यात्री ट्रेनों की आवाजाही इन रेलवे क्रासिंग से होती है। इसलिए कहीं राज्य सरकार का लोक निर्माण विभाग तो कहीं-कहीं रेलवे के इंजीनियर अंडरब्रिज का निर्माण करा रहे हैं। लेकिन, लोगों को सुविधा कम मुसीबतों को अधिक सामना करना पड़ रहा है। क्योंकि पानी निकासी सिस्टम पूरी तरह से फेल है। रेलवे का खमतराई फाटक पर अंडरब्रिज अभी प्रस्तावित है।

सभी रेलवे क्रासिंग को बंद करना तय किया है। जहां ओवरब्रिज बना है, उन सभी क्रासिंग पर भी अंडरब्रिज का निर्माण कराया जाना है। आमानाका व डूमरतालाब अंडरब्रिज में पानी निकासी के लिए मोटर पंप काम कर रहा है। पानी रिसाव बंद नहीं होने से दिक्कतें हैं।
- शिव प्रसाद पंवार, पब्लिसिटी इंस्पेक्टर, रेलवे

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