
सीएम ने कहा कि पहले भी कलेक्टर व एसपी के बीच अहम के टकराव की खबरें आती रही थी। लेकिन पिछले एक-दो सालों में ऐसी खबरें खुले तौर पर किसी भी जिलों में नहीं आई। वो भी उस सूरत में जब कई जिलों में कलेक्टर-एसपी में सीनियरिटी व जूनियरिटी में लंबा फासला है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश ला एंड आर्डर की समीक्षा की और अफसरों को बेहतर तालमेल के साथ काम करने की नसीहत दी।
शांति व कानून व्यवस्था बनाए रखने में कलेक्टरों के साथ एसपी की भूमिका अहम
बैठक में मुख्यमंत्री ने आज फिर कलेक्टरों को उनक कार्यों को लेकर फिर मंत्रणा की। सीमए ने कहा कि प्रदेश में सरकार की कई योजनाएं चल रही है। बावजूद यहां शांति की स्थिति नहीं है। योजनाओं के बेहतर संचालन के लिए जिलों में शांतिपूर्ण माहौल जरूरी है। यह तभी संभव होगा जब कलेक्टरों के साथ पुलिस अधीक्षक भी संयम से काम करेंगे। फिलहाल कुछ एक जिलों को छोड़कर सभी जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक परस्पर समन्वय के साथ अच्छा काम कर रहे हैं।
पुलिसिंग जनता के लिए दोस्त व क्रिमिनल के लिए खौफ हो
अपराध नियंत्रण में पुलिस की भूमिका पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस की कार्य शैली ऐसी होनी चाहिए कि अपराधियों पर उसका खौफ बना रहे और आम जनता पुलिस को अपना मित्र समझे।
इधर नक्सल समस्या का जिक्र करते हुए यहां के पुलिस जवानों का हौसला बढ़ाते हुए नक्सल समस्याग्रस्त जिलों में कलेक्टर और पुलिस अधीक्षकों को और भी ज्यादा सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।बैठक में मुख्य सचिव विवेक ढांड, गृह विभाग के प्रमुख सचिव बी.व्ही.आर. सुब्रमण्यम, पुलिस महानिदेशक ए.एन. उपाध्याय, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव अमन कुमार सिंह और अन्य संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
Published on:
24 Oct 2017 06:06 pm
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