
रायपुर. अगर आप ट्रेन में रिजर्वेशन करवा कर सफर कर रहे हैं और आपको नींद आ रही है, फिर भी आप रात 10 बजे से पहले अपनी रिजर्व बर्थ पर सो नहीं सकेंगे! ये रेलवे बोर्ड का नया आदेश है! रेलवे ने सोने के समय में एक घंटे की कटौती कर दी है।
रेलवे के सर्कुलर के मुताबिक आरक्षित बोगियों के यात्रियों को अब रात 10 बजे से लेकर सुबह छह बजे तक ही सोने का समय मिलेगा। नए प्रावधान ने भारतीय रेलवे वाणिज्यिक नियमावली खंड-1 के पैराग्राफ 652 को हटा दिया है। इससे पहले इस प्रावधान के अनुसार यात्री रात के नौ बजे से लेकर सुबह छह बजे तक सो सकते थे।
लोअर सीट पर बैठ सकेंगे दूसरे यात्री
रेलवे बोर्ड ने 31 अगस्त को जारी सर्कुलर में कहा गया है कि आरक्षित बोगियों में यात्रियों को अब सोने की सुविधा रात में 10 बजे से लेकर सुबह 6 बजे तक रहेगी। बाकी बचे समय में दूसरे आरक्षित यात्री (मिडिल और अपर बर्थ के) लोअर सीट पर बैठ सकते हैं।
इन्हें दी गई है छूट
रेलवे बोर्ड ने इस नियम से कुछ यात्रियों को अलग रखा है। रेलवे बोर्ड के मुताबिक बीमार, दिव्यांग और गर्भवती महिला यात्रियों के लिए इसमें छूट रहेगी। इनके मामले में बाकी यात्रियों से सहयोग का आग्रह किया गया है, जिससे अगर वे चाहें तो अनुमति वाले समय से ज्यादा सो सकें।
इसलिए किया गया ये प्रावधान
रेलवे के मुताबिक सोने के समय में एक घंटे की कटौती इसलिए की गई क्योंकि कुछ यात्री दिन हो या रात वे ट्रेन में चढऩे के साथ ही अपनी सीट पर सो जाते थे। इससे अपर बर्थ या मिडिल बर्थ के यात्रियों को असुविधा होती थी।
सभी आरक्षित शयनयान में लागू
रेल मंत्रालय के प्रवक्ता अनिल सक्सेना के अनुसार यात्रियों की परेशानी के बारे में बोर्ड को अधिकारियों से फीडबैक मिला था। उन्होंने कहा कि यह प्रावधान शयन सुविधा वाले सभी आरक्षित बोगियों में लागू होगा। मंत्रालय ने कहा कि नए निर्देश से टीटीई को भी अनुमति वाले समय से अधिक सोने से संबंधित विवादों को सुलझाने में आसानी होगी।
Published on:
30 Sept 2017 06:36 pm
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