
Bhilai Steel Plant
रायपुर . मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में औद्योगिक और आर्थिक मंदी के कारण स्टील उद्योग को बढ़ावा देने के लिए विशेष राहत पैकेज को 31 मार्च 2019 तक के लिए बढ़ाने का फैसला किया है। स्टील उद्योगों को ऊर्जा प्रभार में 50 पैसे प्रति यूनिट की अतिरिक्त छूट दी जाएगी, इससे प्रदेश के लगभग 400 स्टील उद्योगों को फायदा होगा। इसके एवज में राज्य सरकार स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी को 238 करोड़ रुपए देगी।
2 मिलियन टन से कम क्षमता वाले 31 स्टील उद्योगों को केप्टिव पॉवर प्लांट के ऑक्जलरी खपत पर 31 पैसे प्रति यूनिट तथा स्वयं के स्टील इकाई का उपयोग करने पर 15 पैसे प्रति यूनिट से विद्युत शुल्क का भुगतान करना होगा। 2 मिलियन टन से अधिक क्षमता वाले दो स्टील उद्योगों को भी विद्युत शुल्क में रियायत मिलेगी।
गन्ना पेराई वर्ष 2017-18 के दौरान प्रदेश के सहकारी शक्कर कारखानों में किसानों से खरीदे गए गन्ने पर उन्हें 50 रुपए प्रति क्विंटल की दर से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के अनुमोदन के बाद कृषि और जैव प्रौद्योगिकी विभाग ने इसके आदेश जारी कर दिए हैं। 26 मार्च से किसानों को प्रोत्साहन राशि का वितरण शुरू होगा।
- मंत्रालयीन सेवा के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सस्ती दरों पर छेरीखेड़ी में लगभग 7 हेक्टेयर भू-खण्ड देने का फैसला।
प्रदेश के 4 लाख चना किसानों को सरकार प्रोत्साहन राशि के तौर पर प्रति एकड़ 1500 रुपए की राशि देगी। इस फैसले से सरकारी खजाने से 120 करोड़ रुपए खर्च होंगे। किसानों को प्रोत्साहन राशि का भुगतान बैंक खाते में जिला कलक्टर के माध्यम से किया जाएगा। मंत्रिपरिषद की बैठक की बैठक के बाद मंत्री प्रेमप्रकाश पांण्डेय ने बताया कि राज्य में चना फसल को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है। उन्होने बताया कि वर्ष 2017-18 में राजस्व अभिलेख के जिन किसानों का नाम चना फसल के उत्पादक के रूप में दर्ज होगा, उन्हे ही प्रोत्साहन राशि की पात्रता होगा। इस फैसले के मुताबिक ८ लाख एकड़ क्षेत्र के लिए कृषकों को 120 करोड़ से अधिक का भुगतान किया जाएगा।
Published on:
11 Apr 2018 09:22 am
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