
छत्तीसगढ़ के महापौर पैडमैन बन महिलाओं के लिए पेश कर सकते हैं मिशाल, सरकार दे रही साथ
राहुल जैन@रायपुर. अभिनेता अक्षय कुमार की फिल्म पैडमैन की तरह छत्तीसगढ़ के 13 नगर निगमों के महापौर भी महिलाओं के लिए मिसाल पेश कर सकते हैं। महापौरों को यह मौका सरकार के एक अहम फैसले की वजह से मिलेगा। दरअसल, राज्य सरकार ने महापौरनिधि से खर्च होने वाले कार्यों की सूची में सेनेटरी नेपकिन वेंडिंग मशीन को भी शामिल किया है। महापौर चाहें तो सार्वजनिक स्थानों और कार्यालयों में वेंडिंग मशीन लगवाकर महिलाओं को सस्ती दर पर सेनेटरी नैपकिन उपलब्ध करवा सकते हैं।
सरकार के इस फैसले को क्रियान्वित करने के लिए नगरीय प्रशासन विभाग के अवर सचिव एच.आर. दुबे ने सभी नगरनिगमों के आयुक्तों को पत्र लिखा है। फैसला अब महापौरों को करना है कि वे अपनी निधि से महिलाओं को यह सुविधा देते हैं या नहीं।
ऐसे हुई शुरुआत
पैडमैन फिल्म आने से पहले ही प्रदेश में इस दिशा में काम शुरू हो गया था। बताया जाता है कि महिला एवं बाल विकास विभाग ने यूरोपियन राज्य साझेदारी कार्यक्रम से राशि प्राप्त कर 2022 स्कूलों में सेनेटरी नेपकिन वेंडिंग मशीन लगाई थी। इसके बाद 24 जनवरी 2017 को राष्ट्रीय बालिका दिवस पर मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने शुचिता योजना की शुरुआत की। पिछले साल तक यह योजना स्कूलों के लिए थी। 2018-19 के बजट में इस योजना में महाविद्यालयों को भी जोड़ लिया गया है।
40 हजार तक आता है खर्च
बताया जाता है कि एक सेनेटरी नेपकिन और भस्मक मशीन लगाने में 40 हजार रुपए तक का खर्च आता है। इस मशीन में करीब एक हजार सेनेटरी नेपकिन रखी जा सकती है। मशीन में सिक्का डालकर कोई भी सेनेटरी नेपकिन ले सकता है। स्कूलों में इसकी कीमत दो रुपए रखी गई है।
शासन का प्रयास सराहनीय
है। शासन ने यदि अधिकार दिया है, तो निश्चित रूप से इसका लाभ अधिक से अधिक महिलाओं तक पहुंचाने के लिए प्रयास किया जाएगा।
चंद्रिका चंद्राकर, महापौर, दुर्ग नगरनिगम
Published on:
16 Jul 2018 03:18 pm
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